नमाज में बीमार व उम्रदराज लोग न पहुंचें : शहरकाजी
मेरठ। कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को लेकर लखनऊ के शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने लखनऊ की एक मस्जिद में जुमे की नमाज पर रोक की बात कही है, लेकिन मेरठ के उलमा उनके इस फैसले से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। शहरकाजी जैनुस साजिद्दीन ने कहा कि सुन्नी के किसी मौलाना और उलमा ने ऐसी घोषणा नहीं की है। इसके चलते जुमे की नमाज सभी मस्जिदों में समय से होगी। लेकिन खांसी, जुकाम से पीड़ित और उम्रदराज लोग जुमे की नमाज में न शामिल हों। शहरकाजी ने मस्जिदों के कमेटी सदस्यों से सफ हटाकर फर्श पर नमाज कराने की अपील की। जिससे नमाज के बाद फर्श को साफ किया जा सके। वहीं कारी शफीकुर्रहमान ने भी जुमे की नमाज समय से ही होने की बात कही है। उन्होंने समाज के लोगों से सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा।
जुमे की नमाज पर बरतें एहतियात
मेरठ। कोरोना वायरस के चलते जुमे की नमाज पर भीड़ को लेकर पुलिस गंभीर है। पुलिस ने मौलाना व मौलवियों से अनुरोध किया है कि वह लोगों से जुमे की नमाज घर पर ही अदा करने की अपील करें। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से बेवजह घरों से न निकलने की अपील की है। एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि कोरोना वायरस को देखते हुए साफ सफाई और भीड़ जमा न होने पाए, इस पर फोकस किया गया है। एहतियातन जिले में धारा 144 लगाई है। जुमे की नमाज को लेकर भी पुलिस एहतियात बरत रही है। उन्होंने थानेदारों को अपने अपने क्षेत्र के धार्मिक स्थल के जिम्मेदार लोगों से बात करने के निर्देश दिए। एसएसपी ने बताया कि एहतियात बरतने से ही कोरोना से हम मुकाबला कर सकते हैं। हालांकि नमाज धार्मिक स्थल पर जाकर करने से जबरन किसी को नहीं रोका जाएगा। उन्होंने मंदिरों में भी लोगों से भीड़ नहीं लगाने की अपील की।