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छेड़छाड़ के मुकदमे और दरोगा के उत्पीड़न से आहत बुजुर्ग ने दी जान

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छेड़छाड़ के मुकदमे और दरोगा के उत्पीड़न से आहत बुजुर्ग ने दी जान
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छपरौली (बागपत)। छेड़छाड़ के मुकदमे में नामजद बुजुर्ग ने घर में ही फांसी लगाकर जान दे दी। एक महिला ने बुजुर्ग के खिलाफ छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज कराई हुई थी। मरने से पहले उसने आठ पेज का एक सुसाइड नोट लिखा है। इसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार महिला रिश्तेदार समेत सात लोगों को ठहराया है और कहा कि इस मामले में दरोगा की प्रताड़ना से तंग आकर वह आत्महत्या कर रहा है।
मरने वाला छपरौली निवासी ब्रहम सिंह (65) था। मंगलवार रात वह मकान के निचले हिस्से में बने कमरे में सोने के लिए गया था। ऊपरी हिस्से में बने कमरे में उसकी पत्नी कमलेश, बेटा सोनू, पौत्र विधान सोए हुए थे। बेटे सोनू ने बताया कि बुधवार सुबह छह बजे के लगभग वह पिता के लिए चाय लेकर गया।उसने आवाज लगाई, लेकिन पिता नहीं बोले। खिड़की से देखा तो पिता का शव पंखे से फांसी पर लटका हुआ था। उसने शोर मचा दिया। पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस को घटना स्थल पर आठ पेज का सुसाइड नोट पड़ा मिला। मृतक ने लिखा है कि महिला रिश्तेदार ने 27 जून को न्यायालय के आदेश पर उसके खिलाफ धारा 323, 354, 392, 406, 420, 504, 506 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। यह मुकदमा झूठा है। उसने एसपी, आईजी, एडीजी, डीजीपी, मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। मुकदमे के विवेचक पर भी विपक्षियों से साठगांठ कर उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया। एसपी प्रताप गोपेंद्र ने बताया कि वृद्ध ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। रिश्तेदार से रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा है। मृतक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज है। सीओ बड़ौत रामानंद कुशवाह को जांच सौंप दी गई है। विवेचक दो बार मुकदमे के संबंध में घर गए थे। पुलिस ने किसी को प्रताड़ित नहीं किया। सुसाइड नोट में लिखी गई हैंड राइटिंग की जांच कराई जाएगी।
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वीडियो वायरल होने के बाद नपे थे एसओ
बुजुर्ग पर दर्ज मामला समाप्त करने के नाम पर रिश्वत मांगने का लगा था आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
छपरौली। मरने से पहले बुजुर्ग ब्रहम सिंह ने आठ पेज का एक सुसाइड नोट लिखा है। इसमें रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला रिश्तेदार सहित सात लोगों को अपनी मौंत के लिए जिम्मेदार ठहराया है साथ इस मामले की जांच कर रहे दरोगा पर भी उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। चार दिन पहले ही एसओ का भी एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें इस मामले को समाप्त करने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। वीडियो वायरल होने के बाद एसपी ने एसओ छपरौली को लाइन हाजिर कर दिया था।
छपरौली थाने का यह वीडियो 25 अगस्त को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ था। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में तत्कालीन थानाध्यक्ष चितवन कुमार को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते दिखाए जाने का दावा किया जा रहा था। ब्रहम सिंह का दामाद होमगार्ड है और माना जा रहा है कि उसने वीडियो बनाई थी। मृतक के बेटे सोनू ने यह वीडियो वायरल की थी। सोनू ने तत्कालीन थानाध्यक्ष पर आरोप लगाया था कि उसके पिता के खिलाफ दर्ज मुकदमे को खत्म करने के नाम पर दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। सोनू का कहना है कि उसने ही वीडियो बनाई थी और उसने ही वायरल की थी। वीडियो वायरल होने के बाद एसपी ने एसओ चितवन कुमार को लाइन हाजिर कर दिया था। अब बुजुर्ग ने मरने से पहले लिखे सुसाइड नोट में दरोगा भी आरोप लगाया है।
मृतक ने लिखा है कि महिला रिश्तेदार ने 27 जून को न्यायालय के आदेश पर उसके खिलाफ धारा 323, 354, 392, 406, 420, 504, 506 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। यह मुकदमा झूठा है। उसने एसपी, आईजी, एडीजी, डीजीपी, मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। मुकदमे का विवेचक पर भी विपक्षियों से साठगांठ कर उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया। इसमें महिला, उसके पति, देवर, देवरानी निवासी रोहटा, गांव मढ़ी (मेरठ) और ढिकाना निवासी एक-एक व्यक्ति पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।
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यह था मामला
छपरौली। बड़ौत की मधुबन कालोनी निवासी महिला ने 20 जून को न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उसके पति ने ब्रहमपाल को दो साल पहले तीन लाख रुपये रेलवे में भर्ती कराने के लिए दिए थे। उसने न तो नौकरी लगवाई और न ही रुपये लौटाए। पांच जून को वह अपने पति, देवर, देवरानी और ढिकाना निवासी एक व्यक्ति के साथ रुपये लेने ब्रहमपाल के घर गए। ब्रहमपाल ने रुपये देने के बहाने कमरे में बुलाया और उसके साथ छेड़खानी की। उसके गले से सोने की चेन खींच ली। उसके कपड़े फाड़ दिए थे। शोर मचाने पर उसका पति व अन्य लोग अंदर आए और उसे बचाया। इसके बाद ब्रहमपाल व उसके बेटे सोनू ने लाठी-डंडों से उनकी पिटाई की। उसने छपरौली थाने पर तहरीर दी, लेकिन किसी ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। 27 जून को कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
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