डीएम कार्यालय पर धरना देती महिलाएं
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नई भूमि अधिग्रहण नीति के तहत मुआवजे की मांग का शताब्दीनगर के किसानों का मसला एक माह और टल गया है। मंगलवार को बचत भवन में हुई बैठक में डीएम जगतराज त्रिपाठी ने किसान नेताओं को बताया कि इस नीति के तहत मुआवजे का प्रस्ताव शासन को भेजा चुका है। अब फिर रिमाइंडर भेज रहे हैं। एक अक्तूबर को फिर से किसानों की बैठक बुलाकर शासन की रिपोर्ट से अवगत कराया जाएगा।
भाकियू नेता नरेश टिकैत, विजयपाल घोपला, इलम सिंह जंगेठी ने कहा कि बार-बार बैठक बुलाकर किसानों को झूठे आश्वासन दिए जा रहे हैं।
अब आश्वासनों से काम चलने वाला नहीं है। जिस पर डीएम ने किसानों की मांग पूरा कराने के प्रयास का आश्वासन देते हुए कहा कि शासन की रिपोर्ट से एक अक्तूबर को किसानों को अवगत कराया जाएगा। किसान नेताओं ने मामले का निस्तारण न होने तक किसानों को खेती के लिए बिजली कनेक्शन मांगे। जिस पर डीएम ने मुख्य अभियंता विद्युत विभाग को इस बाबत अस्थायी बिजली कनेक्शन के निर्देश दिए। एमडीए वीसी योगेंद्र यादव ने कहा कि किसानों के 49 सीलिंग के मामले चल रहे हैं। उनके शीघ्र ही निस्तारण किए जाएंगे। कुछ मुआवजे केस जो गैर विवादित हैं उनका निस्तारण शुक्रवार को किया जाएगा। एडीएम एलए डीपी श्रीवास्तव, एडीएम सिटी एसके दूबे, एडीएम प्रशासन दिनेश चंद्र, एसपी सिटी ओमप्रकाश, अधीक्षण अभियंता शबीह हैदर, एमडीए सचिव आदि मौजूद रहे।
कलक्ट्रेट में किसानों ने चढ़ाई कड़ाही
मेरठ। भाकियू कार्यकर्ता और किसान मुआवजे की मांग पूरी न होने पर धरना शुरू करने की पूरी तैयारी से आए थे। इसके चलते कलक्ट्रेट में किसानों ने कड़ाही चढ़ा दी थी। किसान नेता विजयपाल सिंह घोपला ने बताया कि डीएम ने किसानों की काफी मांगें मान लीं और बाकी मांगों पर शासन से बात करने का आश्वासन दिया। जिसके चलते धरना स्थगित कर दिया गया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह, संजय दौरालिया, विनोद जिटौली, बाबा ईलम सिंह, वीरपाल सिंह घोपला, सुभाष घोपला, मदन घोपला आदि मौजूद रहे।