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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर बनेंगे आठ हाइवे नेस्ट, प्रधानमंत्री 29 को करेंगे उद्घाटन

Mon, 23 Apr 2018 11:34 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मदन बालियान, बागपत
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मवी कलां में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर लगा फौव्वारा - फोटो : अमर उजाला
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बागपत में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का निर्माण अंतिम दौर में है। 500 दिन में निर्माण के रिकॉर्ड के साथ यह वाहनों के लिए खोला जाएगा। 135 किमी के टुकड़े में आठ जगह हाइवे नेस्ट होंगे, इनमें जलपान और खानपान की सुविधाएं मिलेगी। सोलर पावर और ड्रिप सिंचाई की वाला देश का पहला एक्सप्रेस-वे होगा। ट्रायल के बाद ही इसे वाहनों के लिए खोला जाएगा। 

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एनएचएआई के सदस्य नीरज वर्मा ने बताया कि एक्सप्रेस-वे के निर्माण का लक्ष्य 910 दिन रखा था, लेकिन 500 दिन में ही पूरा कर लिया जाएगा। सोनीपत के सेवली में टोल प्लाजा पर देश की पहली डिजीटल आर्ट गैलरी बनाई, इसमें एक्सप्रेस-वे की लाइव तस्वीरें दिखेंगी। ओवरलोड वाहन एक्सप्रेस-वे नहीं चल सकेंगे, ऐसे वाहनों को एग्जिग गेट से बाहर कर दिया जाएगा। आठ सोलर पावर प्लांट लगाए हैं। एक्सप्रेस-वे पर 2,60,296 लाख पेड़ लगाए जाएंगे, इनमें 72,786 हजार छोटे पौधे होंगे। ड्रिप सिंचाई की व्यवस्था होगी। एक्सप्रेस-वे की बगल में पेट्रोल पंप, मोटल्स, रेस्ट एरिया, वॉश रूम, रेस्टोरेंट, दुकानें और रिपेयर सर्विस रहेगी। सबसे खास बात आठ जगहों पर हाइवे नेस्ट की व्यवस्था रहेगी, इसमें जलपान की व्यवस्था होगी। इसके लिए जगह का चयन किया जा रहा है। 

प्रधानमंत्री 29 को करेंगे एक्सप्रेस वे का उद्घाटन
दिल्ली को प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए बनाए गए ईस्टर्न एक्सप्रेस पेरिफेरल वे पर शानदार सफर की तैयारी कर लें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को इसका उद्घाटन करेंगे। 135 किलोमटीर लंबा यह एक्सप्रेस वे कई मायनों में अनोखा है। इसके शुरू होने के साथ ही दिल्ली को ट्रैफिक और प्रदूषण से बड़ी निजात मिलने वाली है। इस ई-वे से लगभग दो लाख गाड़ियां प्रतिदिन गुजरेंगी। जो पहले दिल्ली के अंदर से होकर जाती थीं। इससे दिल्ली और आसपास के लोग राहत की सांस ले सकेंगे। सबसे दिलचस्प यह कि इसे 910 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इसे महज 500 दिनों में पूरा कर दिया। कुंडली से पलवल की 135 किलोमीटर की दूरी आप केवल 70 मिनट में तय कर सकेंगे। एजेंसी
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बागपत में 20 किमी का टुकड़ा 
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का बागपत में करीब 20.125 किमी का टुकड़ा है। जिले के गांव काठा, मवी कलां, खेकड़ा, रावण उर्फ बड़ा गांव, नंगला बहेड़ी, लहचौड़ा, गौना, सिंगौली तगा, शरफाबाद, आलमगिरपुर उर्फ टुकाली एवं फुलैरा गांव के रकबे से होकर एक्सप्रेस-वे गुजरता है।

पहले उद्घाटन और फिर होगा ट्रायल

एक्सप्रेस-वे पर तेजगति से कार्य करते कर्मचारी और गुजरती ट्रेन - फोटो : अमर उजाला
एक्सप्रेस-वे पर फर्राटा भरने के लिए आम जन का इंतजार करना पड़ सकता है। एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के बाद इसे पहले महीने ट्रायल के लिए खोला जाएगा। जो सुविधाएं अधूरी रह गई हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा। उच्च स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही इसे फिर सभी वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।

ऐसा है ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे 
एनएचएआई के अधिकारी बताते हैं कि 135 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे का निर्माण 14 सितंबर 2015 को शुरू हुआ। इस पर चार बड़े पुल हैं, इनमें दो पुल यमुना नदी पर, एक हिंडन और एक आगरा में है। इसके अलावा 45 छोटे  पुल, रेलवे ओवर ब्रिज आठ हैं। फ्लाईओवर चार, अंडर पास की संख्या करीब तीन सौ से ज्यादा है। 

एक्सप्रेस-वे पर सात जगह मिलेंगे कट 
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर मवी कलां में कट होगा 
दिल्ली-मेरठ हाईवे पर दुहाई में कट बनाया गया है
दिल्ली-हापुड़ मार्ग पर डासना में कट बना है
गाजियाबाद-अलीगढ़ मार्ग पर बील अकबरपुर में कट होगा
कसाना-बुलंदशहर मार्ग पर सिरसा गांव के निकट कट होगा
अटाली-चेनसा मार्ग पर मौजपुर में कट होगा
दिल्ली-आगरा मार्ग पर पलवल में कट होगा
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एक्सप्रेस-वे पर दिखेगी गुजराती नक्काशी 

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर निरीक्षण करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
एक्सप्रेस-वे पर ऐतिहासिक धरोहरों को संजोने का काम किया है। 36 एतिहासिक धरोहरों के प्रतीक चित्र यहां लगेंगे। इनमें अशोक स्तंभ, कोणार्क मंदिर, जलिया वाला बाग, अशोक चक्र, गेटवे ऑफ इंडिया, कुतुब मीनार, चार मीनार, लाल किला, कीर्ति स्तंभ, इंडिया गेट, हवा महल और गुजराती काष्ठ कला के नमूने भी देखने को मिलेंगे। 

जानिए, आटोमैटिक मैनेजमेंट सिस्टम 
एक्सप्रेस-वे पर वीएमएस, सीसीटीवी, वीआईडीएस, वॉर्निंग डिवाइस, ओवर स्पीड चेकिंग सिस्टम, वेट इन मोशन, फाइबर ऑप्टिक सिस्टम से नियंत्रण होगा। ओवर स्पीड पर ओवर चालान कटेगा। 

जितना चलेंगे, उतना ही लगेगा टोल 
एक्सप्रेस-वे पर जितनी यात्रा की जाएगी, उतना ही टोल लगेगा। एनएचएआई के सदस्य नीरज वर्मा ने बताया कि एक किमी के लिए करीब डेढ़ रुपये चार्ज रखा जाएगा, हालांकि इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

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