मेरठ। साल 2009 में ब्रह्मपुरी में पुलिस पर पथराव-फायरिंग और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में शनिवार को एडीजे दस की कोर्ट ने आठ दोषियों को चार-चार साल कैद की सजा सुनाई है। इन पर दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इनमें ब्रह्मपुरी निवासी रहीस उर्फ रहीसुद्दीन, जैनूल, नदीम, शाबिर, भूरा उर्फ वकील उर्फ शकील, नेता सरताज, रहमत, शाहिद शामिल हैं।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि 2009 में भूमिया का पुल पर दो संप्रदायों के लोग आमने-सामने आ गए थे। इसमें पथराव और फायरिंग हुई थी। ब्रह्मपुरी पुलिस मौके पर पहुंची तो पुलिस टीम पर भी पथराव और फायरिंग की गई थी। कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। ब्रह्मपुरी पुलिस ने हमला, फायरिंग और सरकारी कार्य में बाधा डालने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोपियों के खिलाफ 7 क्रिमिनल लॉ एक्ट और लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई थी। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। अब नामजद सभी आरोपियों को एडीजे दस की कोर्ट ने सजा सुनाई है।