घिसौली गांव में मौके पर पूछताछ करते सीओ दौराला।
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घसौली गांव में ईद पर बड़े जानवर की कुर्बानी की नई परंपरा को लेकर तनाव और तनातनी के बीच ईद का त्योहार मना। दूसरे समुदाय ने गांव में ही कुर्बानी करने का एलान किया तो गांव के अन्य वर्गों ने इसका तीखा विरोध कर दिया। दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। पुलिस ने सख्ती कर लोगों को वहां से हटाया। परंपरागत रूप से मुरलीपुर गांव में कुर्बानी कराकर ईद संपन्न कराई गई।
कंकरखेड़ा पुलिस ने इस तनातनी को देखते हुए सोमवार को ही गांव के दोनों समुदायों के 78 लोगों को 5-5 लाख रुपये मुचलके में पाबंद किया था। बावजूद इसके लोगों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। मंगलवार सुबह दूसरे समुदाय के लोगों ने गांव में ही बड़े जानवर की कुर्बानी देने की तैयारी शुरू की तो गांव के अन्य लोगों ने इसका विरोध करते हुए कह दिया कि किसी सूरत में गांव में कुर्बानी की परंपरा शुरू नहीं होने दी जाएगी। इस दौरान दोनों पक्षों में झड़प के बाद तनाव की स्थिति बन गई।
इस दौरान वहां पहले से मौजूद सीओ दौराला डॉ. अरविंद कुमार और एसओ यादराम यादव ने सख्ती कर लोगों को वहां से हटाया और परंपरागत तरीके से मुरलीपुर गांव में कुर्बानी करायी। क्योंकि पहले से ही घसौली गांव के मुस्लिम लोग मुरलीपुर गांव में ही बड़े जानवर की कुर्बानी करते आ रहे हैं। सीओ का कहना है कि परंपरागत तरीके से मुरलीपुर गांव में कुर्बानी हुई और उसके बाद लोगों ने मिलजुल कर त्यौहार मनाया। गांव में शांति है। किसी तरह का अब कोई विवाद नहीं है।