डिग्री कॉलेजों में करीब तीन साल से रुके शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विवि ने कॉलेजों की डिमांड के मुताबिक एक्सपर्ट बुलाकर बैठक शुरू कर दी है।
शासन को इसकी रिपोर्ट भेजी जानी है। ग्रेड पे और पे बैंड बदले जाने हैं। कोर्ट में मामला होने के बाद प्रक्रिया रुकी थी। इसी साल प्रमोशन हो जाएंगे।
कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति छह हजार के ग्रेड पे पर होती है। जिन्होंने पीएचडी की है उनका प्रमोशन चार साल बाद और जिन्होंने नहीं की है उनका छह साल बाद है। सीनियर स्केल मिलता है।
नियमों को लेकर मामला कोर्ट में चला गया था। कोर्ट ने शासन को प्रमोशन प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया तो अब रुकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रमोशन में यूजीसी के नए नियमों का पालन किया जा रहा है। पेपर पब्लिकेशन से लेकर सेमिनार और प्रोजेक्ट तक के नंबर जोड़े जा रहे हैं।
एकेडमिक इंडेक्स इंडीकेटर में कॉलेज माथापच्ची कर रहे हैं। कुछ शिक्षकों के लिए यह सिरदर्द साबित हुआ है। किसी तरह उन्होंने जुगाड़ किया है। मेरठ और सहारनपुर मंडल के डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों का प्रमोशन होना है। विवि को सभी कॉलेजों के लिए एक्सपर्ट देने हैं।
प्रमोशन की बैठक विवि परिसर में होंगी। यह काम शुरू हो चुका है। कुछ कॉलेजों की बैठक हो चुकी है। मेरठ में आरजी गर्ल्स डिग्री कॉलेज और मेरठ कॉलेज के शिक्षकों के प्रमोशन की बैठक हो चुकी है।