सीसीएसयू की एडमिशन प्रक्रिया के लिए 12 जून से रजिस्ट्रेशन शुरू हो रहे हैं। रजिस्ट्रेशन के दौरान कैंडीडेट जो भी कॉलेज चुनेगा, उसमें विषय कॉम्बिनेशन दिखाई देंगे। प्रिंसिपल की बैठक में भी इस बाबत जानकारी दी जाएगी। सात जून को विवि के अधिकारी सेल्फ फाइनेंस संस्थानों के प्रिंसिपल और आठ जून को एडेड और राजकीय कॉलेजों के प्रिंसिपल के साथ बैठक करेंगे। प्रिंसिपल को एक प्रफोर्मा दिया जाएगा।
जिसमें उन्हें कोर्स, सीटों की संख्या और कोर्स कॉम्बिनेशन की जानकारी भरनी होगी। विवि कुलपति के विशेष अधिकार से 33 प्रतिशत सीटें पहले ही बढ़ा देगा। पहली मेरिट जो जारी होगी, उसमें बढ़ी सीटें शामिल रहेंगी। अलग से सीट नहीं बढ़ाई जाएंगी। सूत्रों के मुताबिक विवि तीन मेरिट जारी करने पर विचार कर रहा है।
चौथी मेरिट के रूप में कॉलेजों को ओपन मेरिट जारी करने की इजाजत दी जा सकती है। हालांकि इन बातों पर अभी विचार किया जा रहा है। प्रिंसिपल के साथ बैठक होने के बाद स्थिति साफ होगी। कुछ कॉलेजों में नए कोर्स खुलने की वजह से सीटों में इजाफा होगा। विवि डाटा अपडेट कर रहा है।
सीबीसीएस का सिलेबस बनाने में बीतेगा समर वैकेेशन
मेरठ। सीसीएसयू ने सत्र 2016-17 से कैंपस में पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स में सीबीसीएस (च्वॉइस बेस्टड क्रेडिट सिस्टम) लागू करने का फैसला किया है। इसके लिए विवि एडमिशन पोर्टल पर अलग से आवेदन मांगेगा। डींस की बैठक में इस पर मुहर लगने के बाद अब सिलेबस तैयार करने का काम होगा। सीबीसीएस की तैयारी में विवि को करीब एक महीने का वक्त लगेगा। विवि शिक्षकों की गर्मी की छुट्टी घोषित कर चुका है। हेड और शिक्षकों को अपने विषय का सिलेबस तैयार करना है।
उसके बाद वह बोर्ड ऑफ स्टडीज में रखा जाना है। शिक्षकों की गर्मी की छुट्टी सिलेबस तैयार करने में निकलेगी। विभागों को नए सिस्टम के लिए तैयार होना है। काउंटडाउन शुरू हो चुका है। कोर्स में बदलाव की वजह से डिग्री एकदम बदल जाएगी। कैंपस और कॉलेजों की डिग्री एकदम अलग-अलग होगी। अगले सप्ताह विभागाध्यक्षों के साथ सीबीसीएस को लेकर बैठक होनी है।