काफिला रोकने पर ई रिक्शा चालकों को हड़कातेे मंत्री।
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परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने दो दिन में 80 ई-रिक्शाओं को सीज कर दिया। कार्रवाई के विरोध में ई-रिक्शा चालकों ने सर्किट हाउस से निकलता कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर का काफिला रोक लिया। हंगामा करते हुए सड़क पर ही लेट गए। कार से उतरे मंत्री विरोध के इस तरीके से गुस्सा गए।
संयुक्त अभियान में बिना रजिस्ट्रेशन चल रहीं दर्जनों ई रिक्शाओं को सीज कर पुलिस लाइन में खड़ा कर लिया गया। रविवार को इनके चालक अपनी ई रिक्शा छुड़ाने के प्रयास में लगे रहे। दर्जनों चालक पुलिस लाइन के बाहर जमा थे। दोपहर करीब तीन बजे कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर सर्किट हाउस में बैठक में पहुंचे थे। चालकों ने उन्हें देख लिया था। इसके बाद दर्जनों चालक सर्किट हाउस गेट पर ही जमा हो गए। जैसे ही बैठक के बाद मंत्री का काफिला सर्किट हाउस के बाहर निकला तो ई-रिक्शा चालक उनके काफिले की गाड़ियों के आगे लेट गए।
ये क्या तरीका है?
काफिला रोके जाने से मंत्री शाहिद मंजूर गुस्सा गए। उन्होंने चालकों से पूछा कि इस तरह से रोकने का यह कौन सा तरीका है? जब तुम्हें पहले ही बता दिया गया था कि वह अधिकारियों से बात कर रहे हैं। समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है तो यह सब करने की क्या आफत आ गई थी। नियम कायदे भी कोई चीज होते हैं। नियमों का पालन तो सबको करना होगा।
यह चली कार्रवाई
अभियान में रविवार को 35 और शनिवार को 45 रिक्शाओं को सीज किया गया था। इसके अलावा चौराहे के 30 मीटर दायरे में खड़े 150 वाहनों को सीज किया गया है। इनमें सबसे ज्यादा ऑटो हैं।
अफसर पढ़ा रहे पहाड़े
उस्मान, नाजिम, जसवंत आदि ई रिक्शा चालकों का आरोप है कि 52 सौ रुपये की रसीद कटाने के बाद रिक्शा छोड़ा जाएगा। लेकिन उसके बाद भी कोई गारंटी नहीं कि उनका रिक्शा दोबारा नहीं पकड़ा जाएगा। परिवहन विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि उनका रजिस्ट्रेशन नहीं है, उन पर लाइसेंस नहीं है। वह चाहते हैं कि जो भी सरकारी शुल्क है उसे लेकर उनकी ई रिक्शा का रजिस्ट्रेशन लाइसेंस बना दिया जाए। लेकिन अधिकारी इसमें भी पहाडे़ पढ़ा रहे हैं। कभी चेसिस नंबर नहीं होने की बात कहते हैं तो कभी किसी कंपनी की ई रिक्शा खरीदने का कहते हैं। इस मसले पर सोमवार सुबह 11 बजे नौचंदी मैदान में बैठक कर ई रिक्शा हड़ताल का निर्णय लिया जा सकता है।
कोट
शहर में चल रहीं अधिकतर ई रिक्शा अनाधिकृत स्थानों पर बनी हैं। नियमानुसार केवल सरकार द्वारा अधिकृत और नियमों का पालन कर ई रिक्शा बनाने वाली कंपनियों के रिक्शाओं का ही रजिस्ट्रेशन हो सकता है। इसके लिए उनके कार्यालय में आकर नियमावली की जानकारी ली जा सकती है।- लालाराम, एआरटीओ