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9 माह घर पहुंच रहे ई चालान

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मेरठ। लॉकडाउन के समय के ई-चालान वाहन स्वामियों के घर अब पहुंच रहे हैं। 10 माह बाद लोगों को पता चल रहा है कि उन्होंने वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियम तोड़ने के साथ लॉकडाउन का उल्लंघन किया था। ऐसे कुछ लोग चालान राशि का भुगतान करते समय ट्रैफिक पुलिस के प्रति विरोध भी जाता रहे हैं। 22 मार्च, 20 को जनता कर्फ्यू के बाद अप्रैल और मई में लॉकडाउन रहा था।
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गंगानगर निवासी अमित कुमार की स्विफ्ट गाड़ी का लॉकडाउन उल्लंघन और सीट बेल्ट न लगाने पर 3 अप्रैल, 20 को ई-चालान हुआ था। 31 जनवरी को घर पर ई-चालान का नोटिस मिला है। सदर बाजार निवासी राकेश जैन ने बताया कि उनकी आई टेन गाड़ी का ई-चालान 30 मार्च, 2020 को होना बताया गया। कोई मेसेज भी नहीं मिला था। 27 दिसंबर को घर पर ट्रैफिक पुलिस ने दो हजार के ई-चालान की कॉपी भेजी है।
साल 2020 में 97 हजार ई-चालान
ट्रैफिक पुलिस ने 2020 में 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक 97 हजार वाहनों के ई-चालान किए थे। प्रत्येक महीने नौ-दस हजार वाहनों के चालान पुलिस कर रही है। एक ई-चालान भेजने पर ट्रैफिक पुलिस के सात रुपये खर्च होते हैं।
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वाहन बेचने वालों पर बोझ
ई-चालान में उन लोगों पर भी बोझ पड़ रहा है। जिन्होंने अपने वाहन दूसरों को बेच दिए हैं। वाहन खरीदने वाले के नाम आरटीओ में दर्ज नहीं हैं। ऐसे में जिसके नाम वाहन का रजिस्ट्रेशन है, चालान उसके पते पर ही पहुंच रहे हैं।
नियमानुसार अब नहीं भेजने चाहिए चालान
लॉकडाउन के समय के ई-चालान तीन माह में घर पहुंच जाने चाहिए थे। यदि लॉकडाउन के चालान अब घर पहुंच रहे हैं तो यह गलत है। ट्रैफिक पुलिस को यह चालान खत्म कर देने चाहिए।
- अरविंद भाटी, अधिवक्ता
प्रक्रिया के तहत भेजे जा रहे चालान
ई-चालान तीन माह बाद न्यायालय भेजे जाते हैं। लॉकडाउन के समय प्रिंट नहीं निकले थे। डाक से भी नहीं भेजे जा सके। अब प्रक्रिया के तहत जून, 2020 तक के चालान भेज दिए गए हैं।
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- जितेंद्र श्रीवास्तव, एसपी ट्रैफिक
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