इससे पहले, रविवार की सुबह बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है, साथ ही मेरठ एसपी सिटी को बर्खास्त करने की भी मांग की है।
मायावती ने ट्वीट कर लिखा 'उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में वर्षों से रह रहे मुसलमान भारतीय है ना कि पाकिस्तानी यानि CAA/NRC के विरोध-प्रदर्शन के दौरान खासकर उत्तर प्रदेश के मेरठ SP सिटी द्वारा उनके प्रति साम्प्रदायिक भाषा/टिप्पणी करना अति निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है'।
'ऐसे सभी पुलिसकर्मियों की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए और दोषी होने के सही सबूत मिलने पर फिर उनको तुरंत नौकरी से बर्खास्त करना चाहिए। बीएसपी की यह मांग है'।
वहीं, इससे पहले केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि अगर यह वीडियो सच है तो यह निंदनीय है और इस पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'किसी भी स्तर पर हिंसा, पुलिस द्वारा हो या भीड़ द्वारा, यह अस्वीकार्य है। यह लोकतांत्रिक देश का हिस्सा नहीं हो सकता। पुलिस को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जो निर्दोष हैं, वे पीड़ित न हों।'