सरधना। ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च में चालीसा काल के चौथे रविवार को श्रद्धालुओं ने माता मरियम के दरबार में मत्था टेका और प्रभु यीशु से प्रार्थना की। श्रद्धालुओं ने बताया कि चालीसा काल वर्ष में एक बार मिलने वाला ऐसा समय है, जो आध्यात्मिक और शारीरिक शुद्धीकरण का अवसर देता है। यह काल विश्वासियों के जीवन में आंतरिक और बाहरी बदलाव का मार्ग भी प्रशस्त करता है।
प्रार्थना सभा में धर्मगुरुओं ने कहा कि बीते दिनों में हुई गलतियों से सीख लेकर आगे अच्छे कर्म करने चाहिए। फादर मार्टिन रावत ने कहा कि चालीसा काल विश्वासियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान प्रभु यीशु मसीह में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति पश्चाताप के साथ अपने जीवन को ईश वचनों के अनुरूप ढालने का संकल्प लेता है। उन्होंने कहा कि चालीसा का उपवास और प्रार्थना यह संदेश देते हैं कि प्रभु को बाहर नहीं, बल्कि अपने भीतर तलाशने की जरूरत है।
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उन्होंने कहा कि प्रभु प्रत्येक इंसान में बसते हैं जो उसके अच्छे व्यवहार से दिखाई देता है। इसके लिए हर व्यक्ति को संतोष और धैर्य के साथ अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वह्न करना चाहिए। जीवन में आने वाले दुखों को भी उसी तरह स्वीकार करना चाहिए, जैसे खुशियों को स्वीकार करते हैं।
फादर वलेरियन पिंटो ने कहा कि समाज के हर तबके को अपनाने और उन्हें प्रभु के बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करने की जरूरत है। सच्चाई का मार्ग ही ईश वचनों को साकार करता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर मनुष्य से असीम प्रेम करते हैं। हमें भी उसी प्रेम को समाज में बांटना चाहिए।