डेढ़ साल से काट रहा था दफ्तरों के चक्कर
पीड़ित किसान मांगेराम ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार लगभग डेढ़ साल पहले उन्होंने कृषि भूमि के लिए एलटी लाइन खिंचवाने का आवेदन दिया था जिसमें बिजली विभाग के जेई पर पैसे मांगने का आरोप है। वर्तमान शिकायत चकरोड को लेकर थी। आरोप है कि पड़ोसी खेत मालिक ने सरकारी चकरोड को खुर्द-बुर्द कर सिंचाई की नाली बंद कर दी है। मांगेराम ने दिसंबर 2025 में ही लिखित चेतावनी दी थी कि यदि समाधान नहीं हुआ तो वह आत्मदाह को विवश होगा लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
मौके पर भेजी गई टीम
घटना के तुरंत बाद हरकत में आए तहसीलदार निरंकार सिंह ने लेखपाल, बिजली विभाग के जेई और लाइनमैन की संयुक्त टीम को तुरंत नासरपुर गांव भेजा। तहसीलदार ने बताया कि मौके पर ही शिकायत का समाधान कराया जा रहा है और लापरवाही बरतने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी।
इतिहास से सबक नहीं: समाधान दिवस की औपचारिकता पर सवाल
मवाना तहसील में आत्मदाह के प्रयास की यह पहली घटना नहीं है। यह मामला संपूर्ण समाधान दिवस की प्रभावशीलता पर गहरा प्रश्नचिह्न लगाता है। करीब दो साल पूर्व जगबीर निवासी अलीपुर मौरना) ने समाधान न होने पर आत्मदाह किया था जिनकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। वहीं इलम सिंह निवासी दरियापुर ने भी तहसील परिसर में तेल छिड़ककर जान देने की कोशिश की थी जिन्हें ऐन वक्त पर बचाया गया था।