गंगा किनारे मूर्ति विसर्जन के लिए ले जाते श्रद्धालु स्रोत संवाद
हस्तिनापुर। प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर पर नवरात्रों के अवसर पर चल रही नौ दिवसीय दुर्गा पूजा का बृहस्पतिवार को विसर्जन के बाद समापन हो गया।
मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि नवरात्रों के अवसर पर चलने वाली दुर्गा पूजा विधिविधान से संपन्न हुई। नवरात्रों के पहले दिन मंदिर में कलश स्थापना कर दुर्गा सप्तशती का पाठ किया गया। विजयदशमी के अवसर पर मध्य गंग नहर में कलश का विसर्जन किया गया। इसके बाद माता के दरबार में हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। नवरात्रों में नौ दिनों तक लगातार पूजा-अर्चना करने से श्रद्धालुओं की हर मन्नत पूरी हो जाती है।
पंडित चंद्र प्रकाश शुक्ला ने नौ दिनों तक होने वाली पूजा-अर्चना विधिविधान से संपन्न कराई। उन्होंने बताया कि प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करने का विधान है। साथ ही जीवन में सभी तरह के सुखों की प्राप्ति के लिए व्रत भी किया जाता है। धार्मिक मत है कि शारदीय नवरात्र के दौरान धरती पर मां दुर्गा का आगमन होता है। नवरात्रों की पूजा श्रद्धालुओं के लिए काफी शुभ मानी जाती है, इससे श्रद्धालुओं को मोक्ष की प्राप्ति होती है और उनके जीवन के सभी दुख-दर्द समाप्त हो जाते हैं। इस अवसर पर दिनेश शर्मा, कृष्ण सैनी, रामपाल, चंद्र प्रकाश, पंडित रोहित शर्मा, विशु शर्मा आदि मौजूद रहे।