मेरठ। महानगर के लिए डेरियों से निकलने वाला गोबर नासूर बन गया है। नगर निगम नालों की सफाई करते हुए आगे बढ़ रहा है। वहीं, पीछे-पीछे डेयरी संचालकों ने फिर से उनमें गोबर डालना शुरू कर दिया है। शहर में कई स्थानों पर तो नाले की पटरी पर ही डेयरी चलाई जा रही हैं। इन पशुओं का गोबर सीधे नाले में डाला जा रहा है। ऐसा ही हाल शहर के बड़े नाले ओडियन का है।
अमर उजाला में लोगों की शिकायत पर रविवार को ओडियन नाले में डेयरी संचालकों द्वारा डाले जा रहे गोबर की स्थिति का जायजा लिया। टीम ने आरटीओ पुल के समीप ओडियन नाले का हाल देखा तो चौंकाने वाला रहा। यहां कई लोग नाले की पटरी पर ही डेयरी चलाते हैं। वहीं, गोबर भी नाले में बहा रहे हैं। स्थिति इतनी खराब है कि कई गाड़ी गोबर डाला हुआ है। यह भी बताया कि पुराने कमेले से लेकर शास्त्रीनगर तक 30 से 40 डेयरियों का गोबर ओडियन नाले में बहाया जा रहा है। जिससे नाला फिर से चोक होना शुरू हो गया है। चंद लोगों की गलती का खामियाजा महानगर की जनता को बरसात के दौरान जलभराव के रूप में उठाना पड़ेगा।
सफाई इंस्पेक्टर बने अनजान
नगर निगम के सफाई इंस्पेक्टर अपनी जिम्मेदारी भूल गए हैं। वहीं, कुछ लोगों से साठगांठ कर शहर को गंदा करा रहे हैं। पुल के समीप बड़ी मात्रा में गोबर डाला जा चुका है। हालांकि सफाई इंस्पेक्टर को इसकी जानकारी नहीं है। इससे यह साफ है कि वह या तो क्षेत्र में जाते ही नहीं हैं या फिर डेयरी संचालकों से साठगांठ है।
जुर्माना राशि के नोटिस तैयार
इस संबंध में नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया का कहना है कि डेयरी से निकलने वाले गोबर ने नगर निगम की मेहनत पर पानी फेर दिया है। ओडियन नाले में गोबर बहाया जा रहा है। ऐसी सभी डेरियों को चिह्नित कर लिया है। वहीं, भारी जुर्माने के साथ नोटिस भेजने की प्रक्रिया एक-दो दिन में शुरू हो जाएगी। जो डेयरी संचालक गोबर सीधे नाले में डाल रहे हैं उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।