गले में खराश, खांसी, बुखार और सिरदर्द के एकाएक बढ़ गए मरीज
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। बारिश के कारण अब संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। सोमवार को लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में ओपीडी में मरीजों की संख्या 3763 जा पहुंची। इनमें सबसे ज्यादा मौसमी बीमारी के मरीज रहे। अस्पतालों में सोमवार को सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें देखी गईं।
चिकित्सकों ने बताया कि इस समय वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में इसका प्रभाव ज्यादा दिख रहा है। ठेलों से कटे हुए फल और ठेलों पर बिकने वाले खुले खाद्य पदार्थ से पेट का संक्रमण हो रहा है। इससे डायरिया, उल्टी, जी मिचलाना, सिर दर्द, दस्त की परेशानी हो रही है। इसी के साथ शहर में सड़कों के निर्माण के चलते धूल के कण और वायु प्रदूषण श्वसन तंत्र को प्रभावित कर रहे हैं। इससे गले में खराश, खांसी और छाती में जकड़न जैसी समस्याएं हो रही हैं। कई मरीजों को तेज बुखार और बदन दर्द की शिकायत भी है।
मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजीत चौधरी ने बताया कि बरसात के बाद गले में संक्रमण, खांसी, बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति गंभीर रहने की आवश्यकता है। थोड़ी सी लापरवाही कई बार बड़ी परेशानी का सबब बन जाती है। चाय, कॉफी, शराब, सिगरेट का विशेष परहेज रखें। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आशु मित्तल ने बताया कि बारिश के बाद ओपीडी में काफी इजाफा हो गया है। इनमें नजला, जुकाम, बुखार और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है।