सहारनपुर। आंधी से जनपद में बिजली आपूर्ति बेपटरी हो गई। शहर से लेकर देहात तक जगह-जगह बिजली लाइनों पर पेड़ गिरे। बिजली नहीं आने से सुबह के समय लोग पानी को भी तरस गए। वहीं, रेलवे स्टेशन पर प्लास्टिक की चादर गिरने से हेमकुंड एक्सप्रेस, अमृतसर-देहरादून एक्सप्रेस का संचालन प्रभावित हुआ। नागरिकों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बुधवार सुबह मौसम बदला तो आंधी शुरू हो गई। आंधी से शहर ही नहीं बल्कि देहात में भी पेड़ गिरे। महानगर में रेलवे काॅलोनी स्थित सेंट मैरी स्कूल के पास पेड़ गिर गया। इसके बाद पेपर मिल रोड स्थित ट्रांसमिशन से सुबह चार बजे से बिजली कट कर गई। हालांकि साढ़े पांच बजे यहां से बिजली सुचारू हो गई, लेकिन मानकमऊ, जैन बाग और जनक नगर सहित अन्य बिजलीघरों से सुबह छह बजे ब्रेकडाउन हो गया। इससे आवास विकास, मल्हीपुर रोड, विजय काॅलोनी, वेद विहार, नुमाइश कैंप, बेरीबाग, घंटाघर, गोविंद नगर, रामनगर-पठानपुरा, शारदा नगर, खलासी लाइन, लेबर काॅलोनी, चिलकाना रोड, सम्राट विक्रम काॅलोनी, अंबाला रोड, बाजोरिया रोड सहित शहर भर में बिजली नहीं आई। कहीं पर सुबह आठ बजे सुचारु हुई तो कहीं पर दोपहर बाद तक भी बिजली नहीं आ पाई थी।
सुबह के समय बिजली नहीं आने से लोग पानी के लिए भी तरस गए। घरेलू कार्य प्रभावित हुए। यही नहीं पानी नहीं आने से सबसे ज्यादा कामकाजी लोगों को परेशानी हुई। जैसे-तैसे आसपास से पानी की व्यवस्था की। उसके बाद ही नहाकर अपनी ड्यूटी पर गए।
आधे घंटे खड़ी रही हेमकुंड व देहरादून एक्सप्रेस
आंधी ने रेलवे स्टेशन पर भी नुकसान पहुंचाया। स्टेशन पर प्लेटफार्म के ऊपर लगी प्लास्टिक की चादर आंधी में सुबह साढ़े चार बजे गिर गई। बिजली बंद की गई। इससे वहां मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। रेलवे अधिकारियों ने तुरंत टावर वैगन को बुलाकर चादर को ठीक कराया गया। इसमें करीब 45 मिनट का समय लगा। इससे श्रीमाता वैष्णों देवी कटरा-ऋषिकेश हेमकुंड एक्सप्रेस, अमृतसर-देहरादून एक्सप्रेस को रोका गया, जो अपने निर्धारित समय से लेट हो गई। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बिजली नहीं आई तो चलाना पड़ा जनरेटर
आंधी के कारण जिला महिला अस्पताल में बिजली का तार गिर गए। इसके बाद अस्पताल परिसर में सुबह चार बजे से लेकर सुबह 11 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इससे जिला महिला अस्पताल, एसबीडी जिला अस्पताल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, मलेरिया विभाग कार्यालय, सीएमएसडी कार्यालय में जनरेटर चलवाकर कार्य किया गया। अस्पताल परिसर के आवासों में रहने वाले कर्मचारियों को भी बिना बिजली के परेशानी हुई।