मेरठ। भीषण गर्मी के बीच मेरठ के मेडिकल और जिला अस्पतालों में मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। मौसमी बुखार के साथ ही आंतों में संक्रमण के मामले भी काफी संख्या में सामने आ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार पेट में गड़बड़ी और धूल-धुएं के कारण खांसी तथा सांस लेने में परेशानी के मरीज अधिक आ रहे हैं। मेडिकल में सामान्य मरीजों की ओपीडी 650 के पार पहुंच गई है, जबकि जिला अस्पताल में अब 250 मरीजों की ओपीडी रोजाना दर्ज हो रही है।
अस्पतालों में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। ओपीडी में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ है। चिकित्सकों ने बताया कि इस समय वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में इसका प्रभाव ज्यादा दिख रहा है। ठेलों से कटे हुए फल और ठेलों पर बिकने वाले खुले खाद्य पदार्थ से पेट का संक्रमण हो रहा है। इससे डायरिया, उल्टी, जी मिचलाना, सिर दर्द, दस्त की परेशानी हो रही है। इसी के साथ बाहर धूल के कण और वायु प्रदूषण श्वसन तंत्र को प्रभावित कर रहे हैं। इससे गले में खराश, खांसी और छाती में जकड़न जैसी समस्याएं हो रही हैं। कई मरीजों को तेज बुखार और बदन दर्द की शिकायत भी है।
मेडिकल के सीएमएस डॉ. अजीत चौधरी ने बताया कि भीषण गर्मी और प्रदूषण के कारण गले में संक्रमण, खांसी, बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति गंभीर रहने की आवश्यकता है। थोड़ी सी लापरवाही कई बार बड़ी परेशानी का सबब बन जाती है। चाय, कॉफी, शराब, सिगरेट का विशेष परहेज रखें। वरिष्ठ छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीएन त्यागी ने बताया कि घर से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और तरल पदार्थों का सेवन करें। धूल भरे इलाकों में जाने से बचें।