जनता दूध के दाम पर पानी पी रही है। एफडीए की सैंपलिंग रिपोर्ट बता रही है कि दूध के सैंपल फैट के पैरामीटर पर फेल हो रहे हैं। नियम के तहत मिल्क फैट 6 फीसदी न्यूनतम होना चाहिये। लेकिन कुछ सैंपलों में .3 फीसदी फैट ही पाया गया है। जिससे साफ है कि दूध में बड़ी मात्रा में पानी की मिलावट हो रही है। इन सभी को ध्यान में रखते हुए अब एफडीए दूध की व्यापक पैमाने पर सैंपलिंग करने की तैयारी में है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह का कहना है कि मिल्क दूध में दो तरह का फैट होता है और अधिकांश दूध व डेरी वाले मिक्स दूध ही बेचते हैं। इन दोनों फैट में मिल्क फैट 6 फीसदी न्यूनतम और सॉलीड नॉट फैट (एसएनएफ) 9 प्रतिशत होना चाहिए। हैरानी की बात यह है कि सैंपलिंग में फैट ना के बराबर निकल रहा है। इसी तरह से क्रीम के सैंपल में भी फैट कम पाये जाने के बाद साफ हो गया है कि अब व्यापारियों ने मिलावट का तरीका बदल लिया है। लेकिन मुनाफा खोरी का खेल जारी है। श्रद्धापुरी स्थित हरी नगर में अनिल कुमार मित्तल के यहां से क्रीम का सैंपल भरा गया था, जिसमें निर्धारित मात्रा से फैट कम पाया गया है।
दूध में मिलावट का गणित
नाम स्थान मिक्स मिल्क फैट एसएनएफ
नारायण पुत्र रामपाल गांव जिटौली .3 प्रतिशत 7.9 प्रतिशत
राहुल पुत्र कुंवरपाल किनानगर मेधपुर 4.5 प्रतिशत 8.5 प्रतिशत
मुकेश नगला कबूलपुर 3.2 प्रतिशत 6.8 प्रतिशत
फूड सप्लीमेंट की फर्जी तरीके से पैकिंग
6 जून को वेदव्यासपुरी स्थित फूड सप्लीमेंट फर्म पर मारे गए छापे के दौरान भरे गए सैंपलों की रिपोर्ट आ गई है। कंपाउंड प्रोटीन बीसीसी एज माई सॉल्ट नाम के उत्पाद की मैन्यूफैक्चरिंग में एफडीए ने भारी धांधली पाई है। जिसको लेकर एफडीए ने कहा कि उत्पाद पर पैकेजिंग और एक्सपायरी डेट नहीं लिखी। जिस पर एफडीए मैन्यूफैक्चरिंग नियमों का उल्लंघन करने के मामले में कार्रवाई करने जा रहा है। उधर, जिनके सैंपल फेल हुए हैं उनके खिलाफ नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।