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नशे की लत...नहीं छोड़ी तो जानलेवा हो जाएगी

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- मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में चल रहा नशे के आदी लोगों का इलाज
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- नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस आज

माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नशा, एक ऐसी बीमारी है जो युवा पीढ़ी को लगातार अपनी चपेट में लेकर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर कर रही है। युवा शराब, सिगरेट, तंबाकू और ड्रग्स के अलावा नशीली दवाओं की लत लगाकर नशे के शिकार हो रहे हैं। अगर समय रहते यह लत नहीं छूटती तो यह जानलेवा हो जाती है। लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 26 जून को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है।
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज और पीएल शर्मा जिला अस्पताल में नशे की लत के शिकार 800-1000 लोग हर माह पहुंचते हैं। इनकी काउंसिलिंग की जाती है और साथ ही जरूरी दवाइयां दी जाती हैं। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. रवि राणा ने बताया कि मादक पदार्थों का सेवन करने वाले लोग कुछ दवाओं का भी नशे के लिए गलत तरीके से इस्तेमाल करते हैं। इससे उनका शरीर कमजोर हो जाता है।
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इन दवाओं का किया जाता है नशे में इस्तेमाल
निकोटीन युक्त, ओपियाड, दर्द निवारक, कफ सिरप, एंटीडिपऱेसेंट दवाइयां, मिर्गी की दवाएं आदि।
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नशे के इंजेक्शन लगाने वाले हेपेटाइटिस-एचआईवी की चपेट में
मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण पाल ने बताया कि जो लोग नशे का इंजेक्शन लगाते हैं। उनको हेपेटाइटिस और एचआईवी संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। इसके अलावा इससे स्मृति विकार, असंतुलन, चलने में कठिनाई, चिंता, अवसाद, नींद में कमी, अचानक वजन घटना या बढ़ना और लिवर की बीमारी आदि हो जाती हैं।

केस स्टडी-1
जागृति विहार निवासी 27 साल युवक का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। पहले उसने सिगरेट पीना शुरू किया और फिर शराब। इसी तरह नशा बढ़ता गया। नशा दूर करने के लिए वह दर्द निवारक दवाओं और कफ सिरप का भी इस्तेमाल करता है।
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केस स्टडी-2
परतापुर के रहने वाले 33 वर्षीय युवक को उसके परिजन जिला अस्पताल लेकर आए कि उसके नशे की लत को छुड़वाएं। वह नशीले पदार्थों का सेवन करता है। नशा छुड़ाने वाली दवाओं के साथ-साथ उसकी काउंसिलिंग भी की जा रही है।
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करोड़ों रुपये के पकड़े जा चुके हैं मादक पदार्थ
मेरठ। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने वर्ष 2023 से अब तक 32 मुकदमे दर्ज कराए हैं। फोर्स ने सात करोड़ 27 लाख रुपये का 29 कुंतल 40 किलो डोडा, 14 करोड़ 20 लाख रुपये का 28 कुंतल 40 किलो गांजा, एक करोड़ 50 लाख रुपये का 1500 लीटर कफ सीरप, 35 लाख रुपये की 34 किलो 985 ग्राम चरस, 88 लाख रुपये की आठ किलो 815 ग्राम अफीम, दो करोड़ 40 लाख रुपये की 2 किलो 400 ग्राम हेरोईन बरामद की गई है। जोकि कुल बरामदगी 29 करोड़ 25 लाख रुपये है। संवाद
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