वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राजीव अग्रवाल
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वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राजीव अग्रवाल ने कहा कि हार्टअटैक आने पर मरीज को सुरक्षित रखने के लिए पहला एक घंटा स्वर्णिम है, जिसमें मरीज के परिजनों को निर्णय लेकर तुरंत उपचार कराना चाहिए। ताकि उसकी जान बचाने के साथ दिल भी स्वस्थ रहे और वह अपनी पूरी जिंदगी खुशहाली से जिए।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सहारनपुर द्वारा हकीकत नगर स्थित आईएमए भवन में आयोजित गोष्ठी में मेरठ के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राजीव अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डॉक्टर राजीव अग्रवाल ने कहा कि हिंदुस्तान में लगातार दिल की बीमारियां बढ़ती जा रही है। इसके पीछे खानपान, अच्छी दिनचर्या न होना और मानसिक तनाव आदि कारण है। किसी व्यक्ति को जब भी हार्टअटैक आता है तो उसके परिजन तुरंत निर्णय नहीं ले पाते हैं। उस समय मरीज की ब्लॉक नस को खोलने वाले इंजेक्शन या एंजियोप्लास्टी की आवश्यकता होती है, लेकिन मरीज के परिजन तुरंत निर्णय न लेने की वजह से मरीज की जान को खतरे में पड़ जाती है। उस समय चिकित्सक की इच्छा होती है कि वह मरीज की जान बचाने के लिए साथ उसके दिल को भी पूरी तरह बचा ले। क्योंकि, पहले एक घंटे में उपचार मिल जाए तो दिल को डैमेज होने से बचाया जाता सकता है। एक घंटे के बाद उपचार मिलने की वजह से दिल डैमेज हो जाता है। ऐसे में मरीज की जान तो बच जाती है, लेकिन उसका दिल स्वस्थ नहीं रहता है, जिसकी वजह से उनकी जान को हमेशा खतरा बना रहता है।
उन्होंने चिकित्सकों और लोगों को सलाह दी कि वह मरीजों को हार्टअटैक होने पर उक्त बातों से अवगत कराएं। ताकि मरीज की जान भी बच जाए और उसका दिल भी स्वस्थ रहे। वह अपनी पूरी जिंदगी अच्छी तरह जी सके। इस दौरान सीएमओ बीएस सोढ़ी, डाक्टर नोसरान, डाक्टर संजीव मित्तल, डाक्टर प्रदीप अनेजा सहित अनेक डाक्टर मौजूद रहे।
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