डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा
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मेरठ कॉलेज के इतिहास विभाग के प्रोफ़ेसर एवं रालोद नेता डॉक्टर ज्ञानेन्द्र शर्मा का सुभारती अस्पताल में कार्डिक अरेस्ट के चलते देर रात निधन हो गया। मोहनपुरी निवासी डॉक्टर ज्ञानेन्द्र शर्मा लंबे समय तक छात्र राजनीति से जुड़े रहे। वे एनएएस कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। राष्ट्रीय छात्र लोकदल के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भी अध्यक्ष रहे।
उन्होंने तमाम बड़े छात्र आंदोलनों में भाग लिया। उन्होंने रालोद से मेरठ शहर विधानसभा सीट से विधायक का चुनाव लड़ा। वर्तमान में वे रालोद की हरित प्रदेश संघर्ष समिति के सह संयोजक थे। उनके आकस्मिक निधन पर शहर के तमाम लोगों ने शोक जताया है।
मेरठ कॉलेज में आयोजित शोक सभा मे उनको श्रदांजलि दी गई। शोक सभा मे प्राचार्य डॉ. युद्धवीर सिंह ने कहा कि कोविड-19 का यह बहुत कठिन दौर है। डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा का इस तरह जाना कॉलेज और समाज के लिए बड़ी क्षति है।
शोक सभा में डॉ. राजकुमार सांगवान, डॉ. अलका चौधरी, डॉ. मनोज सिवाच, डॉ. पंजाब मलिक, डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. कपिल सिवाच, विनय बरसर समेत बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।
25 को रिपोर्ट आई कोरोना पॉजिटिव, 26 को आई नेगेटिव
डॉ ज्ञानेंद्र शर्मा काफी समय से अस्वस्थ थे। तबीयत खराब होने पर उनको एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 25 नवंबर को उनकी कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उसके बाद उनको सुभारती अस्पताल में ले जाया गया जहां पर उनकी कोविड-19 रिपोर्ट 26 नवंबर को नेगेटिव आ गई।
डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा की बहन आरजी गर्ल्स कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ कुमकुम पारिख का कहना है कि डॉक्टरों ने मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया है। उनके पार्थिव शरीर को शुक्रवार सुबह घर लाया गया। 4 साल में डॉ. कुमकुम के तीन भाइयों की मौत हो चुकी है। माताजी का भी जनवरी में निधन हुआ था। पूरा परिवार बेहद सदमे में है। परिवार में पत्नी मोनिका शर्मा और 12 साल का एक बेटा और बेटी हैं।