ऊन- के गांव ढिंढाली में श्री कबीर जनोंदय ट्रस्ट के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में बोलते ,मु
मेरठ। कांग्रेस बिना आधार की जातीय राजनीति कर रही है। कांग्रेस की जहां सरकार है वहां राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को दलितों पर अत्याचार नहीं दिखाई देता। यह मानसिक दिवालियापन है। रविवार को शामली में कार्यक्रम से लौटते हुए सर्किट हाउस में पूर्व डीजीपी तथा राज्यसभा सांसद बृजलाल ने ये बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि फतेहपुर में रात एक बजे हरिओम नामक व्यक्ति अपनी ससुराल जा रहा था, जिसे कुछ लोगों ने चोर समझकर पिटाई की। बाद में उसकी मौत हो गई। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। मृतक की पत्नी व पिता को नौ-नौ लाख रुपये मुआवजा प्रदेश सरकार ने दिया। पत्नी को हर महीने पांच हजार रुपये और बेटी को ढाई हजार रुपये पेंशन भी दी जा रही है। कांग्रेस दलितों पर अत्याचार और उनकी हत्या का राग अलाप रही है। जबकि हरिओम से मारपीट करने वाले अधिकांश दलित और ओबीसी के लोग थे।
दूसरी ओर कर्नाटक में आदिवासी समुदाय की बालिका मेले में गुब्बारा व खिलौने बेचने गई। बालिका की दुर्ष्क के बाद हत्या कर दी गई। इस पर कांग्रेस चुप है, क्योंकि वहां उन्हीं की सरकार है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी बंगाल में भू-स्खलन के बाद हुई मौतों के बाद हाल जानने गए सांसद खदयन मुर्मू तथा विधायक के साथ मारपीट की गई। वे गंभीर अवस्था में हैं। आदिवासी सांसद और दलित विधायक से मारपीट के मामले पर कांग्रेस चुप है। क्योंकि पश्चिम बंगाल में उसे राजनीतिक लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने चीफ जस्टिस गंवई पर जूता फेंकने के मामले में भी जातीय राजनीति करने का आरोप राहुल गांधी और खड़गे पर लगाया। जवाब दिया कि गंवई तथा आरोपी अधिवक्ता रामकिशोर दोनों ही दलित हैं। इसे सवर्ण और दलित के नाम कांग्रेसी दे रहे हैं।