भर्ती में दौड़ लगाते अभ्यर्थी।
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सेना भर्ती में अभ्यर्थियों की कम होती संख्या अधिकारियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। मंगलवार को बुलंदशहर और नोएडा जिले की भर्ती में अभ्यर्थियों की संख्या आधे से कम रही। कंप्यूटर पर ऑनलाइन किए गए रजिस्ट्रेशन के अनुपात में आधे या उससे भी कम युवा दौड़ लगाने के लिए पहुंचे। जैसे-जैसे भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, आंकड़ा कम हो रहा है। मंगलवार को बुलंदशहर और नोएडा जिले की भर्ती में 5671 युवाओं ने दौड़ लगाई। इनमें मेडिकल टेस्ट के लिए 397 ने क्वालीफाई किया। दौड़ के दौरान हाथ पकड़कर पास कराने वाले एक केस पकड़ा गया।
भर्ती निदेशक कर्नल रजनीश मेहता ने बताया कि मंगलवार को बुलंदशहर और नोएडा जिले की भर्ती में 11903 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें 8898 बुलंदशहर और 3005 नोएडा जिले के अभ्यर्थी थे। दौड़ लगाने के लिए 5671 अभ्यर्थी पहुंचे। इनमें से दौड़, चिनअप, लंबाई, चेस्ट, लंबी कूद, जिगजैब बैलेंसिंग को पास कर 397 अभ्यर्थी मेडिकल के लिए क्वालीफाई किए। अनुपात के लिहाज से पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 47.64 प्रतिशत ने भाग लिया।
बुलंदशहर जिले के लिए अलर्ट, अतिरिक्त पुलिस मांगी
दौड़ के दौरान बुलंदशहर जिले का एक अभ्यर्थी ऐसा पकड़ा गया जिसे दो अन्य धावकों ने हाथ पकड़कर पास कराया। सेना ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि दो युवकों ने उसकी मदद की। एक ने अपना रिश्तेदार बताया। अभ्यर्थी का आवेदन निरस्त करने की रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी है। कर्नल रजनीश मेहता के मुताबिक बुलंदशहर के जिले के अभ्यर्थियों में इस तरह के केस आते हैं। एक-दूसरे का हाथ पकड़कर पास कराते हैं। यह काम करने वाले अच्छे धावक होते हैं। सेना की इस पर नजर थी। इसलिए एक केस पकड़ा गया। दो इस तरह के धावक पूछताछ के बाद खिसक गए। बुलंदशहर जिले के अभ्यर्थी फिजिकल फिटनेस में दूसरे जिले के युवाओं के मुकाबले बेहतर होते हैं। एक-दूसरे की मदद करने और हंगामा करने में भी कई केस रहे हैं। इस लिहाज से एसएसपी से अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की गई है। बुधवार को सिर्फ बुलंदशहर जिले की भर्ती है। 12003 ने पंजीकरण कराया है। पांच हजार के आसपास आने की उम्मीद है।
सेना को माधव कुंज का सहयोग
भर्ती में जिला प्रशासन से सेना का खास सहयोग नहीं मिला। बिजली के कनेक्शन से लेकर प्रशासन द्वारा की जाने वाली व्यवस्थाओं के प्रति सेना में नाराजगी है। पास में स्थित माधव कुंज का सहयोग रहा। खाने पीने और रहने में माधव कुंज से सहयोग मिल रहा है।