यूपी के मुजफ्फरनगर में डबल मर्डर मिस्ट्री का पुलिस ने खुलासा कर दिया, लेकिन कई सवाल अभी जवाब मांग रहे हैं। पहला सवाल यही है कि अभी तक दुष्कर्म से इंकार कर रही पुलिस तीन हत्यारोपियों के पकड़ में आते ही गैंगरेप की पुष्टि कर दी है। हैरानी यह भी है कि दोनों की गर्दन एक दरांती से धड़ से अलग कर दी गईं थीं। इसी तरह मृतका का मोबाइल भी अचानक प्रकट हो गया। खुलासे से परिजन संतुष्ट हैं, लेकिन वारदात की कड़िय़ां जोडऩे में पुलिस नाकाम रही है।
चरथावल के लुहारी खुर्द गांव में वीभत्स तरीके से अंजाम दिए गए मौसी-भांजे के मर्डर का खुलासा भी चौंकाना वाला हुआ है। तीनों हत्यारोपी गांव के ही निकले हैं। कातिलों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने तमाम तरह की कोशिशें कीं। पुलिस को सुराग मिला कि गांव का शराफत उर्फ फद्दड वारदात के बाद से ही गायब है। उसके मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की गई, जो पुरकाजी में मिली। उसके बाद पुलिस ने अपनी जांच शराफत के इर्द-गिर्द समेट दी। पुलिस को यकीन हो गया था कि डबल मर्डर का राज लुहारी खुर्द में ही छुपा है। आखिरकार पुलिस फद्दड तक पहुंच गई। पूछताछ में उसने सारा राज उगल दिया। फद्दड ने वारदात में शामिल अपने साथियों मुकम्मिल और जानू उर्फ जान आलम के नाम बता दिए। यह दोनों भी वारदात के बाद से ही फरार चल रहे थे। मुठभेड़ के बाद दोनों भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने डबल मर्डर का खुलासा कर दिया, मगर अभी भी ऐसे कई सवाल हैं, जिनका पुलिस के पास भी कोई जवाब नहीं है। हत्या के बाद पीएम रिपोर्ट के हवाले से पुलिस ने इंकार करते हुआ कहा था कि दलित छात्रा के साथ बदनीयती नहीं हुई थी।
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छात्रा के साथ गैंगरेप किया गया था
बरामद हुआ छात्रा का शॉल और साइड में पीड़ित पिता
- फोटो : अमर उजाला
आरोपियों के पकड़े जाने के बाद अफसरों ने खुलासा किया कि हत्या से पहले छात्रा के साथ गैंगरेप किया गया था। पुलिस की यह बात भी गले से नहीं उतर रही कि गेहूं के खेत में तीनों आरोपियों ने गैंगरेप किया। खेतों में किसान गन्ने छील रहे थे और गेहूं के खेत में वारदात हो गई। पुलिस का यह भी कहना है कि युवती के भांजे को गैंगरेप से पहले ही अलग ले जाकर गन्ने के खेत में कत्ल कर दिया गया था। पुलिस के पास इस बात का भी जवाब नहीं है कि नवदीप की चीखें जंगल में काम कर रहे लोगों को क्यों नहीं सुनाई पड़ी। गेहूं की फसल की उंचाई भी इतनी नहीं होती कि किसी को कुछ न दिखाई दे। जिस तरीके से छात्रा और नवदीप के सिर धड़ से अलग थे, उससे नहीं लगता कि केवल दरांती से ऐसा किया गया होगा। परिजनों ने कहा था कि प्राची मोबाइल इस्तेमाल नहीं करती थी। इस पर पुलिस का कहना है कि 18 दिसंबर को ही उसके होने वाले मंगेतर ने छात्रा को मोबाइल दिया था. जिसका सिर्फ उसकी बहन को पता था। वारदात वाले दिन भी प्राची ने उसी फोन से अपने मंगेतर से बात की थी। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उक्त मोबाइल भी हत्यारों से बरामद किया है। परिजन भले ही पुलिस के खुलासे से संतुष्ट हों, लेकिन पुलिसिया कहानी में कई झोल ऐसे हैं, जिनका जवाब पुलिस नहीं दे पा रही है।
एक करता था पुताई, दूसरा बेचता था कपड़े
आरोपियों ने पीड़ित के मोहल्ले में शराब की दुकान से छह पव्वे खरीदे थे। पुलिस की मानें तो तीनों युवक घर से भांजे के साथ निकली युवती के पीछे चल दिए। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपी मुकम्मिल पर छह, जान आलम पर दो मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी मुकम्मिल कली-पुताई का कार्य करता था, जबकि फद्दड दूसरे प्रदेशों में कपड़ा बेचने का कार्य करता था। दोनों अविवाहित है। जान आलम पुरकाजी क्रेशर में ट्रैक्टर चलाने का कार्य करता था। वह विवाहित है और उसके दो बच्चे हैं।
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