जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में प्रशासक/डीएम समीर वर्मा सड़क निर्माण प्रस्ताव ठीक से न बताने पर अपर मुख्य अधिकारी और जिला पंचायत के अभियंता पर भड़क गए। चेतावनी देते हुए कहा कि मुझे मूर्ख मत बनाओ। स्पष्ट बोलो कि ये कौन सी सड़क हैं। यदि जांच में कोई गड़बड़ी मिली तो शासन से निलंबन की संस्तुति कर दूंगा। डीएम के सख्त रुख को देखकर अधिकारी चुप्पी साध गए।
जमकर लगे आरोप-प्रत्यारोप
बैठक में सदस्यों ने जिला पंचायत बोर्ड की दूसरी बैठक में जिला पंचायत की जमीनों पर होने वाले निर्माण का मुद्दा उठाया। जिस पर प्रशासक ने कहा कि पूर्व जिलाधिकारी ने उस रोक लगा दी है। पंचायती राज विभाग से इस पर दिशा निर्देश मांगे गए हैं। नियमों को देखा जा रहा है। उसके बाद ही इस पर निर्णय होगा।
नवाजिश और सीमा प्रधान आए आमने-सामने
बैठक में नवाजिश मंजूर और सीमा प्रधान कई बार आमने-सामने आए। सीमा प्रधान ने नवाजिश के आरोपों का न केवल जवाब दिया बल्कि दायरे में रहकर बात कहने तक की नसीहत दे दी। वहीं, नवाजिश मंजूर ने भी कहा कि वे सिर्फ जांच की मांग कर रहे हैं। कामों की गुणवत्ता और टेंडर सही हुए हैं या नहीं इसकी जांच की जाए। जिपं. सदस्य मुकेश चरला और रजनी सोम ने कहा कि पूर्व जिपं. अध्यक्ष ने उनके प्रस्तावों पर नहीं बल्कि अपने मनमाने ढंग से निजी स्वार्थ में कराए हैं।
वित्तीय वर्ष के बजट में होगा काम
बैठक में अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) शिशुपाल शर्मा ने पिछले वित्तीय वर्ष के आय-व्यय का ब्यौरा रखने के साथ ही इस वित्तीय वर्ष में आए धन के साथ कुल धन की उपलब्धता और निश्चित व्यय के बाद बची धनराशि के बारे में बताया। जिस पर प्रशासक समीर वर्मा ने कहा कि इस बची हुई धनराशि के अनुरूप सदस्य अपने विकास कार्यों का प्रस्ताव दें और उसमें वरीयता तय कर दें।
जिला योजना पर जतायी नाराजगी
बैठक में जिला योजना समिति के लिए जिला पंचायत विकास योजना बनाने का प्रस्ताव आया। जिस पर जिपं. सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला ने एतराज जताते कहा कि पिछले सात साल में एक भी रुपया जिला पंचायत की विकास योजनाओं के लिए नहीं मिला, तो ऐसे प्रस्ताव भेजने का क्या फायदा।
प्रशासक ने दे दी चेतावनी
जब सड़क निर्माण के प्रस्ताव पर बैठक में आरोपों के बीच हंगामा चल रहा था तो एएमए और अभियंता प्रशांत गुप्ता 105 सड़कों के निर्माण के मामले पर अटक गए। दरअसल सदस्यों का आरोप था कि ये सड़कें भी टेंडर की गड़बड़ी के प्रस्तावों वाली हैं, जबकि प्रशांत गुप्ता का कहना था कि ये उससे बाहर हैं। इस पर प्रशासक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि झूठ मिला तो निलंबन की कार्रवाई के लिए लिखूंगा।
खास रही ये मौजूदगी
जिला पंचायत के इतिहास में पहली बार बोर्ड बैठक में सांसद के साथ जिले के चार विधायक मौजूद रहे। इससे पूर्व बैठक में कभी सांसद या कभी एक विधायक तो मौजूद रहे हैं। लेकिन मंगलवार को सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक ठा. संगीत सोम,डा. सोमेंद्र तोमर, दिनेश खटीक और सत्यवीर त्यागी मौजूद रहे।
ये रहे बैठक में मौजूद
बैठक में जिला पंचायत सदस्य सीमा प्रधान, कुलविंदर सिंह, मीनाक्षी भराला, नवाजिश मंजूर, नितिन खटीक, कविता भड़ाना, रीना, मुकेश चरला, ललित चौहान, हेमलता, सुबोध गुर्जर, रजनी देवी, अंजू, हेमलता, सपना हुड्डा, सुमन भदौड़ा, अनिता, रविंद्र, शरीफ, तनु, शमशाद, विनोद, सत्यपाल सिंह, कृष्णा देवी, विक्की तनेजा, साहिब आलम, मनोज अधाना, मुन्ना गिरी, रोहताश पहलवान और दिलशाद आदि मौजूद रहे।
सत्ता तो आती-जाती है
पूर्व में पारित प्रस्तावों को निरस्त करना न्यायोचित नहीं है। यह केवल सत्ता का दबाव है। पद और सत्ता आती जाती रहती है। बैठक में सरधना विधायक ने अपनी निजी खुन्नस निकाली है। यदि हमने सरधना विस क्षेत्र में ज्यादा काम कराए हैं तो क्या गलत किया है? सरधना विधानसभा भी जिला पंचायत का हिस्सा है और वहां से भी 10-12 जिला पंचायत सदस्य आते हैं। जांच होनी चाहिए, उसमें सच सामने आ जाएगा। -सीमा प्रधान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष
मुझसे सभी सदस्य सहमत
मुझे सीमा प्रधान के आरोपों पर कुछ नहीं कहना। मैं बैठक में नामित सदस्य हूं और उसी के तहत मौजूद रहकर बात उठायी। यदि मेरी बात गलत होती तो सदस्य विरोध करते। लेकिन सभी सदस्यों ने सहमति जतायी है। - ठा. संगीत सोम, सरधना विधायक