गृह क्लेश में बढ़ा रहे आत्मघाती कदम, छह दिन में तीन मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। क्षेत्र में गृह क्लेश, मानसिक तनाव और पारिवारिक विवादों के चलते आत्महत्या की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। पिछले छह दिनों में हस्तिनापुर क्षेत्र में तीन लोगों द्वारा आत्मघाती कदम उठाने की घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं से न केवल परिवार उजड़ रहे हैं, बल्कि छोटे बच्चों और परिजनों के भविष्य पर भी गहरा असर पड़ रहा है।
हाल के दिनों में बस्तौरा नारंग गांव की विवाहिता, एदलपुर खेड़ा की महिला और कस्बे की अनाज मंडी निवासी युवक की मौत के मामलों ने क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद लोग यह सोचने को मजबूर हैं कि आखिर घरेलू विवाद और मानसिक तनाव लोगों को इतना बड़ा कदम उठाने पर क्यों मजबूर कर रहे हैं। जिससे वह जिंदगी छोड़कर मौत को चुन रहे हैं। सामाजिक जानकारों का कहना है कि बढ़ता मानसिक दबाव, आर्थिक परेशानियां, पारिवारिक कलह और आपसी संवाद की कमी ऐसे मामलों की बड़ी वजह बन रही है। समय रहते बातचीत, धैर्य और पारिवारिक सहयोग से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। वहीं क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं से मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।
बयान.....
पारिवारिक विवादों को समय रहते बातचीत और समझदारी से सुलझाने की जरूरत है। छोटी-छोटी बातों को लेकर आत्मघाती कदम उठाना किसी समस्या का समाधान नहीं है। परिवार और समाज को ऐसे मामलों में संवेदनशील होकर आगे आने की जरूरत है।
अमित त्यागी, प्रभारी सीएचसी
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घटना नंबर-1
पति से विवाद के बाद विवाहिता ने दी जान
बृहस्पतिवार को थाना क्षेत्र के एदलपुर खेड़ा गांव निवासी आरती ने पति से विवाद के बाद अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। प्रारंभिक जांच में मामला गृह क्लेश से जुड़ा बताया गया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
घटना नंबर-2
अनाज मंडी निवासी युवक ने लगाया फंदा
शुक्रवार सुबह कस्बे की अनाज मंडी निवासी जॉनी (36) पुत्र बाबूराम ने घर में पंखे के कुंडे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार वह पिछले कुछ दिनों से घरेलू तनाव में था। उसकी पत्नी बच्चों के साथ मायके चली गई थी, जिसके बाद वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था। सुबह उसका शव कमरे में लटका मिला। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
घटना नंबर-3
जहरीला पदार्थ खाने से विवाहिता की मौत
दो मई को बस्तौरा नारंग गांव निवासी काजल (22) पत्नी शोकेंद्र ने गृह क्लेश के चलते जहरीला पदार्थ खा लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे हस्तिनापुर के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका अपने पीछे डेढ़ वर्षीय पुत्री निधि को छोड़ गई है।
घर में लगे पंखे के कुंडे बन रहे आत्महत्या का माध्यम
चिंताजनक बात यह है कि अधिकतर लोग आत्मघाती कदम उठाने के लिए अपने ही घर में लगे पंखे के कुंडे को माध्यम बना रहे हैं। बीते दिनों क्षेत्र में सामने आए दो मामलों में भी लोगों ने पंखे से फांसी लगाकर जान दे दी। इससे पहले भी कई लोग रस्सी और दुपट्टे के सहारे घरों में लगे पंखों से लटककर आत्महत्या कर चुके हैं। मानसिक अवसाद, पारिवारिक विवाद और आर्थिक दबाव के कारण लोग अचानक ऐसा कदम उठा रहे हैं।
सामाजिक संगठनों को आगे आने की जरूरत
लगातार सामने आ रही घटनाओं ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। सामाजिक संगठनों और जागरूक लोगों को आगे आने की जरूरत है परिवारों को आपसी संवाद बढ़ाना चाहिए और तनाव से जूझ रहे लोगों की समय रहते काउंसलिंग करानी चाहिए। वहीं लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है, ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
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