गंगा को स्वच्छ बनाने और डॉल्फिन के संरक्षण के लिए के लिए चलाया गया अभियान मेरी डॉल्फिन मेरी सूंस शनिवार को बिजनौर से नरौरा तक पूर्ण हो गया था। आज डॉल्फिन गणना के आंकड़े आएंगे। इससे स्पष्ट हो जाएगा कि गंगा में डॉल्फिन की संख्या घटी है या बढ़ी।
सोमवार को डब्लूडब्लूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी संजीव यादव ने बताया कि मेरी डॉल्फिन मेरे सूंस अभियान के अंतर्गत डॉल्फिन गन्ना का कार्यक्रम शनिवार शाम को नरौरा बैराज पर समाप्त हुआ था। रविवार को टीम वापस लौट गई। पहले गणना के आंकड़े 11 अक्तूबर (रविवार) को आने थे, लेकिन अब सोमवार सुबह करीब 11 बजे आएंगे। गंगा में नजर आई डॉल्फिन को देखकर इनकी संख्या बढ़नी पूरी उम्मीद है।
पिछले साल भी डाल्फिन की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। संजीव यादव ने बताया कि डॉल्फिन बारिश में ज्यादा खुश रहती है। रिमझिम फुहारों के बीच यह खूब अठखेलियां करती है। डॉल्फिन कई तरह की आवाज निकाल सकती है। डॉल्फिन सीटी की आवाज निकालने वाली एकमात्र स्तनधारी जलीय जीव है।