सब इंस्पेक्टर संजीव चौहान की मौत के मामले को लेकर चारों आरोपी डॉक्टरों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। छह फरवरी को एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) ने सभी आरोपी डॉक्टरों को तलब किया है। नारकोटिक्स विभाग भी आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई के लिए आईजी को पत्र लिख चुका है। उधर, आईएमए चारों डॉक्टरों के समर्थन में आ गया है। आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) की ओर से रविवार को इस संबंध में प्रेस कांफ्रेंस बुलाई गई है।
एंटी करप्शन मेरठ शाखा में सब इंस्पेक्टर पद पर तैनात संजीव चौहान की गढ़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में संजीव चौहान के भाई राजीव चौहान का आरोप है कि उनके भाई की मौत नेचुरल नहीं हुई है। चिकित्सकों द्वारा जान बूझकर साइक्रोट्रापिक दवाओं की ओवरडोज दिये जाने से संजीव चौहान की जान गई। परिजनों ने नौचंदी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) में मामले की शिकायत की थी। इस पर यूपी एमसीआई की एथिकल कमेटी ने छह फरवरी को चारों आरोपी डॉक्टर भावना तोमर, डॉ. प्रशांत सोलंकी, डॉ. राजीव गुप्ता और डॉ. अमित अग्रवाल को तलब किया है। उधर, नारकोटिक्स विभाग की ओर से आईजी को पत्र लिखकर कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। अब इस पूरे मामले में आईएमए चिकित्सकों के समर्थन में आ गया है। आईएमए पदाधिकारियों ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस बुलाई है, जहां आगे की रणनीति को लेकर खुलासा किया जाएगा।