चिकनगुनिया से उबर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। यह जीवन में दोबारा नहीं होगा। चिकनगुनिया का वायरस सिंगल स्ट्रेन का होता है, जिसके चलते बीमार पड़ने पर शरीर में एंटी बॉडी स्वयं ही बन जाती है। हालांकि यह बात डेंगू पर लागू नहीं होती है। क्योंकि डेंगू चार टाइप का होता है। अगर एक बार शरीर में स्ट्रेन 1 का डेंगू वायरस एक्टिव हुआ है तो अगली दफा स्ट्रेन 2 टाइप का वायरस आपको चपेट में ले सकता है।
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अजय मलिक का कहना है कि अभी तक जितनी भी रिसर्च हुई है, उनमें चिकनगुनिया वायरस की स्ट्रेन सिंगल ही पाई गई है। रिसर्च कहती है कि जो स्ट्रेन अगर सिंगल है तो शरीर में कुछ ही दिनों के बाद स्वयं उस स्ट्रेन से लड़ने का एंडीबॉडी तैयार हो जाता है। इस नजरिये से चिकनगुनिया दोबारा से होने की गुंजाइश बेहद कम रहती है। हां, अगर किसी मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कम है वो अस्थमा, शुगर व अन्य बीमारियों की चपेट में है जिससे फेफड़ों से लेकर लीवर तक में इंफेक्शन है तो दोबारा से चपेट में आ सकता है। क्योंकि ऐसी में एंटीबॉडी ठीक से विकसित नहीं हो पाता है। जो सामान्य लाइफ जी रहे हैं वो पूरी तरह से बेफिक्र हो सकते हैं। गौरतलब है कि इस बार चिकनगुनिया का काफी व्यापक असर देखा जा रहा है। चिकनगुनिया वायरस की चपेट में आने वाले लोगों को घुटनों में दर्द से सूजन की शिकायत है।
चिकनगुनिया के 23, डेंगू के दो नये केस
दिन में उमस और रात को कुछ घंटों के लिए तापमान में गिरावट सेहत पर भारी पड़ रही है। बड़ीं संख्या में लोग वायरल की चपेट में हैं। चिकनगुनिया और डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। जिला मलेरिया अधिकारी ने लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज स्थित माइक्रो बॉयोलॉजी विभाग की रिपोर्ट में बताया कि शनिवार को चिकनगुनिया के 23 नए मामले सामने आए हैं। चिकनगुनिया से पीड़ित मरीजों की संख्या अब 574 हो गई है। दो दिन में 66 नए केस सामने आए हैं। डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। शनिवार को 2 नए मामलों की पुष्टि हुई है। मरीजों की संख्या 144 हो गई है।
चार स्कूल और अस्पताल में छिड़काव
मलेरिया विभाग की तरफ से शनिवार को पंडित प्यारे लाल जिला चिकित्सालय के साथ ही चार स्कूलों में एंटी लार्वा दवा का स्प्रे किया गया है। जागृति विहार और शास्त्री नगर के कुछ इलाकों में फॉगिंग भी की गई है। जिला मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत का कहना है कि अभी तक सबसे ज्यादा केस जागृति विहार क्षेत्र से ही आ रहे हैं, जिससे बचाव के लिए जनता के स्तर पर प्रयास करने की जरूरत है। क्योंकि डेंगू व चिकनगुनिया फैलाने वाला एडिस मच्छर घरों में ही पनपता है।