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युवा डरें नहीं, पुलिस को समझें दोस्त

Sun, 31 Mar 2019 02:49 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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अपराजिता - फोटो : अमर उजाला
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 लोग पुलिस से डरें नहीं, बल्कि उसे अपना दोस्त समझें। पुलिस जनता की मदद के लिए है। युवाओं को पुलिस का दोस्त बनकर समाज को अपराध मुक्त बनाने का यह संदेश एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक ने दिया।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत पुलिस की पाठशाला का आयोजन हुआ। शनिवार को बीडीएस इंटरनेशनल स्कूल में पुलिस की पाठशाला हुई। शुभारंभ मुख्य अतिथि एसपी क्राइम और स्कूल प्रबंध समिति के सचिव एके सक्सेना ने किया। प्रिंसिपल गोपाल दीक्षित ने अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन में विद्यार्थियों ने महिला अपराध, साइबर अपराध, यातायात नियमों के पालन संबंधी सवाल पूछे। एसपी क्राइम ने सभी सवालों के जवाब देकर छात्रों की जिज्ञासा को शांत किया। स्कूल की कोआर्डिनेटर रितु रस्तोगी, रेनू गौतम, कुसुम लता, पुनीता त्यागी, शिवानी सिंह, प्रीति चौहान, रसपाल कौर, आरती, शालिनी सोम व संगीता सिंह ने सहयोग दिया।
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अपनी योग्यता का न करें दुरुपयोग
एसपी क्राइम ने कहा कि स्कूल एक ऐसी जगह है जहां आप अपने भविष्य कर निर्माण करके लिए पहली नींव रखते हैं। आपकी शिक्षा आपकी पहचान बनाती है। अपनी योग्यता का कभी भी गलत प्रयोग नहीं करना चाहिए। सभी को संविधान का पालन करना चाहिए। कानून किसी के लिए नहीं बदलता, सभी के लिए एक समान है।

छात्रों के सवाल एसपी क्राइम के जवाब
सवाल- सड़क पर चलते वक्त कौन से यातायात नियमों का पालन करना चाहिए? वंशिका
जवाब- दोपहिया वाहनों पर चलें तो हेलमेट पहनें, गति नियंत्रित रखें, आवश्यकता होने पर ही हॉर्न का प्रयोग करें। चार पहिया वाहन पर सीट बेल्ट बांधें। शराब पीकर वाहन न चलाएं। रेड सिग्नल पर रुकें ये सभी यातायात नियम हैं जिनका पालन अवश्य करना चाहिए।

सवाल- पुलिस के नाम से डर लगता है, ऐसे में पुलिस पर भरोसा कैसे करें? अनुष्का
जवाब- पुलिस जनता क ी सेवा के लिए है। जब भी मुसीबत में हैं 100 नंबर डायल करें। महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन पर भी मदद ले सकते हैं। पुलिस को अपना मित्र मानें शत्रु नहीं।

सवाल- साइबर अपराध से युवा कैसे बच सकते हैं? आयुष
जवाब- साइबर अपराध से निपटने के लिए देश में आईटी एक्ट बना है। साइबर क्राइम से बचने के लिए अपनी निजी जानकारी कभी भी सार्वजनिक नहीं करनी चाहिए। अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी नंबर, पिन नंबर को शेयर करने से बचें। परिवार की तस्वीरें, अपनी तस्वीरें, लोकेशन जैसी कोई भी निजी बातें सोशल मीडिया पर साझा न करें।

सवाल- ऑनलाइन शिकायत कैसे दर्ज कराएं? तुषार शर्मा
जवाब-  आनलाइन शिकायतें दर्ज कराने के लिए सरकार ने कई वेबसाइट लांच की हुई है। जैसे कि जन सुनवाई मोबाइल एप है। जिस में नागरिक किसी भी समय अपनी शिकायत को दर्ज एवं ट्रैक कर सकता है। संबंधित अधिकारी आपकी समस्या के निस्तारण के लिए कार्रवाई करते हैं।

सवाल- चाइल्ड हेल्पलाइन पर शिकायत कैसे दर्ज करा सकते हैं? पीयूष गुप्ता
जवाब-1098 चाइल्ड हेल्पलाइन 18 साल से कम उम्र के बच्चों की समस्याओं को निवारण करने के लिए बनी है। इसके तहत बच्चे 24 घंटे में कभी भी 1098 पर फोन कर अपने शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह एक नि:शुल्क सेवा है। इस सेवा का फायदा बाल विवाह, बाल मजदूरी गुमशुदा और अन्य समस्याओं से परेशान चल रहे बच्चे ले सकते हैं।

सवाल- पुलिस अपराध संबंधी कार्यक्रमों के प्रसारण पर रोक क्योें नहीं लगाती? यश
जवाब- अपराध संबंधी कार्यक्रम लोगों को अपराध से बचने के लिए जागरूक कर रहे हैं तो अपराधियों को सचेत भी कर रहे हैं। इनके प्रसारण पर रोक तो लगना चाहिए।

सवाल- आप अपनी फिटनेस के लिए क्या करते हैं? जतिन भाटी
जवाब- पुलिसवालों को हमेशा फिट रहना चाहिए, क्योंकि कब अपराधियों से सामना करना पड़े मालूम नहीं होता। इस जॉब में फिटनेस बहुत महत्वपूर्ण है। अच्छा स्वास्थ्य तो हर व्यक्ति के लिए अच्छी बात है। हर व्यक्ति को अपनी सेहत के प्रति गंभीर होना चाहिए।
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सवाल- आपने पुलिस की नौकरी ही क्यों चुनी? भूमिका
जवाब- मेरे पिताजी पुलिस सेवा में रहे हैं। उनको देखकर प्रारंभ से ही मन में पुलिस में जाकर देशसेवा की सोच स्थापित हो गई। पुलिस की नौकरी ऐसी है जो जनता की सेवा करने का मौका देती है। लोग पुलिस पर भरोसा करते हैं।
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