मेरठ। कमिश्नर ने कहा कि कोरोना संक्रमण पर अंकुश के लिए दिल्ली से आने जाने वाले लोगों, बुजुर्गों, खांसी-जुकाम और बुखार के मरीजों पर विशेष ध्यान दिया जाए। समय से कोरोना जांच, उपचार और रेफर जरूरी है।
आयुक्त मेरठ मंडल अनीता सी. मेश्राम ने बुधवार को आयुक्त सभागार में स्वास्थ्य विभाग, प्रशासनिक अधिकारियों एवं नर्सिंग होम संचालकों के साथ बैठक कर निर्देशित किया। उन्होंने परस्पर समन्वय की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि कोरोना के संदिग्ध मरीजों की जांच प्राथमिकता पर कराई जाए। संदिग्ध मरीजों को जब तक उनकी जांच रिपोर्ट नहीं आती, तब तक घर में ही आइसोलेट किया जाए ताकि संक्रमण न फैले।
उन्होंने कहा कि निजी अस्पताल कोरोना और मृत्यु दर नियंत्रण में सहयोग करें। नियमित रूप से खांसी, जुकाम, बुखार और सांस के मरीजों की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दें। स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है कि वह उन सभी मरीजों की कोरोना जांच कराएं। पॉजिटिव मिलने पर संपर्क वालों को ठीक प्रकार से तलाश किया जाए। निर्धारित समय में एक्टिव केस सर्च पूरा किया जाए। जिन स्थानों में 48 घंटे में कोरोना से दो या तीन मृत्यु हुई हैं वहां विशेष ध्यान दिया जाए। इस दौरान मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तालियान, सीडीओ ईशा दुहन, एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, डॉ. पीपी सिंह, आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर, सचिव डॉ. मनीषा त्यागी, नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अम्बरीष पंवार, एनसीआर इंस्टीटयूट ऑफ मेडिकल साइंस, आनंद अस्पताल, सुभारती मेडिकल कॉलेज, लोकप्रिय अस्पताल आदि के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
फिर से संचालित होगा 200 बेड का अस्पताल
मेरठ। आयुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग सरकारी एवं निजी अस्पतालों को मिलाकर बेड, एंबुलेंस आदि बढ़ाए जाएं। निजी एंबुलेंस संचालकों की मॉनिटरिंग की जाए कि वे मरीज के परिजनों से ज्यादा चार्ज न करें। सीएमओ ने बताया कि धन सिंह कोतवाल मंडलीय होमगार्ड प्रशिक्षण केंद्र पांचली 200 बेड की क्षमता वाला है। इसे दोबारा प्रारंभ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज ने बेड क्षमता बढ़ाकर 250 कर ली है।