शासन ने मेरठ को दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की सौगात दी है। फफूंड़ा व फलावदा में सीएचसी और सैनी गांव में पीएचसी बनाई जाएगी। सरकार ने तीनों स्वास्थ्य केंद्रों के लिए कार्यदायी संस्थाएं भी तय कर दी हैं। चुनाव से पहले बजट जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी है। कमेले की जमीन पर 50 बेड के चिकित्सालय का निर्माण भी जल्द शुरू होगा।
मवाना रोड स्थित सैनी गांव में ग्राम पंचायत की जमीन पर निर्माण होगा। फफूंड़ा व फलावदा में स्वास्थ्य के पास अपनी जमीन है, क्योंकि दोनों ही जगहों पर पहले से एडिशनल पीएचसी संचालित हैं। स्वास्थ्य केंद्रों को विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृति दी गई है। सैनी गांव में 6 बेड का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुलेगा, जो नेशनल हेल्थ मिशन के तहत बनेगा। इसके निर्माण पर सवा करोड़ रुपया खर्च होगा। उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम लिमिटेड को निर्माण कार्य सौंपा गया है। फफूंड़ा में मल्टी सेक्टोरियल डेवलेपमेंट प्लान (एमएसडीपी) के तहत किया जाएगा। इसके निर्माण पर सवा पांच करोड़ रुपये की लागत आएगी। निर्माण कंस्ट्र्रक्शन एंड डिजाइन सर्विस (सीएंडडीएस) द्वारा किया जाएगा। फलावादा की सीएचसी भी सवा करोड़ रुपये की लागत में तैयार होगी, जिसकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश आवास विकास को सौंपी गई है। स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियर पीके जैन ने बताया है कि दोनों सीएचसी 30 बेड की होंगी। सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह ने बताया कि सैनी गांव में पीएचसी के लिए काफी समय से प्रयास किया जा रहा था। सरकार ने उनकी मांग मान ली है।
जिले में स्वास्थ्य सेवाएं होंगी बेहतर
फफूंड़ा व फलावदा की सीएचसी शुरू होने के बाद जिले में 14 सीएचसी हो जाएंगी। अभी तक 12 सीएचसी कार्यरत हैं। 50-50 बेड़ के दो चिकित्सालय बन रहे हैं। किठौर में सिंचाई विभाग की जमीन पर 50 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, कमेल की जमीन पर 50 बेड का संयुक्त चिकित्सालय बनना है जिसको लेकर बजट जारी होने का इंतजार है। जिला अस्पताल में 12 बेड की आईसीयू तैयार खड़ी है, जिसके शुरू होने का इंतजार है।