हत्या की आशंका में पुलिस जांच पड़ताल में लगी
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। थाना क्षेत्र के गांव जलालपुर मकबूलपुर (चेतावाला) निवासी हिस्ट्रीशीटर संतराम के सड़े-गले शव की पहचान की पुष्टि अब डीएनए जांच से कराई जाएगी। पुलिस ने मंगलवार को मृतक के बड़े बेटे रोहिन का सीएचसी के विशेषज्ञों की मदद से सैंपल लेकर डीएनए टेस्ट के लिए भेज दिया। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद शव संतराम का ही है या किसी अन्य व्यक्ति का।
संतराम बीते 17 मई से लापता था। उसके बेटे रोहिन ने 18 मई को हस्तिनापुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। सोमवार सुबह दूधली-बस्तोरा मार्ग स्थित राजकीय कृषि प्रक्षेत्र के पुराने सरकारी क्वार्टर में एक क्षत-विक्षत शव मिला। उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था।
सूचना पर सीओ मवाना पंकज लवानिया, थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में शव की शिनाख्त संभव नहीं हो सकी, लेकिन बाद में परिजनों ने गले में पड़ी माला, पैर की चप्पल और पास में मिली हिसाब-किताब की डायरी के आधार पर शव को संतराम का बताया। इसके बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मवाना मार्ग पर जाम लगाकर हंगामा किया था।
पुलिस का कहना है कि शव अत्यधिक क्षत-विक्षत होने के कारण मौत के सही कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। पोस्टमार्टम कराया गया है और चिकित्सकों ने विसरा सुरक्षित रखा है, ताकि मौत के कारणों की वैज्ञानिक जांच कराई जा सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी जांच में जुटी है। पुलिस संतराम की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और बीटीएस लोकेशन खंगाल रही है, ताकि लापता होने से लेकर शव मिलने तक उसकी गतिविधियों और संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटाई जा सके।
सीओ पंकज लवानिया ने बताया कि संतराम हिस्ट्रीशीटर था, इसलिए मामले में हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। डीएनए रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।