पुलिस ने न्यायालय से डीएनए टेस्ट कराने की अनुमति मांगी थी
संवाद न्यूज एजेंसी
मुंडाली। हिस्ट्रीशीटर सरताज की पहचान को लेकर पुलिस को शंका है। उसकी पहचान की पुष्टि के लिए पुलिस ने न्यायालय से डीएनए टेस्ट कराने की अनुमति मांगी थी। न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने सरताज के भाई का डीएनए सैंपल कराया है। परिजनों ने बताया कि इसकी रिपोर्ट एक माह बाद आएगी। इसके बाद पता चलेगा कि शव सरताज का है या किसी अन्य का।
मुंडाली थाना क्षेत्र के गांव जिसोरा निवासी हिस्ट्रीशीटर सरताज पुत्र शौकीन का क्षत-विक्षप्त शव 14 अक्तूबर की रात मेरठ-हापुड़ जिले के बार्डर के गांव शरीकपुर में नाले में पड़ा मिला था। परिजनों ने गांव के ही नौ लोगों के विरुद्ध अगवा कर हत्या करने का केस दर्ज कराया था। पुलिस अभी भी इस मामले में खाली हाथ है। एसओ रामगोपाल सिंह ने बताया कि सरताज के शव की पहचान को लेकर पुलिस पूरी तरह से संतुष्ट नहीं है, क्योंकि शव पूरी तरह क्षत-विक्षप्त स्थिति में था। उनके परिजनों ने केवल कपड़ों के आधार पर ही शव की पहचान की थी। इसलिए पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराना जरूरी समझा। पुलिस ने इसके लिए न्यायालय से अनुमति मांगी थी। पुलिस ने जिस शव को सरताज का बताया जा रहा है उसका डीएनए सैंपल पहले ही ले लिया था। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने सरताज के भाई वकील अहमद का डीएनए सैंपल कराया है। जिसकी जांच के बाद शव सरताज का है या नहीं यह स्पष्ट हो सकेगा।