- सर्किल रेट में 30 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ाने की चल रही तैयारी
- बाजार रेट को फोकस कर नये सर्किल रेट का बनाया जाए प्रस्ताव
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नए सर्किल रेट को लेकर शुक्रवार सुबह डीएम वीके सिंह ने एआईजी स्टांप और उपनिबंधकों के साथ बैठक की। डीएम ने कहा कि पारदर्शिता के साथ तीन दिन में नये सर्किल रेट का प्रस्ताव बनाकर लाए। बाजार रेट पर फोकस करते हुए सर्किल रेट पर इजाफा कीजिए। सर्किल रेट जारी करने से पहले समीक्षा कर लें, ताकि त्रुटि की गुंजाइश न बचे। रजिस्ट्री विभाग ने कई जगहों की लिस्ट बना रखी है।
कलक्ट्रेट सभागार में डीएम वीके सिंह की अध्यक्षता में नया सर्किल रेट निर्धारण के संबंध में बैठक की गई। डीएम ने पूर्व में विभिन्न गांव के सर्किल रेट से संबंधित सूची उपलब्ध कराने और नए प्रस्ताव पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सर्किल रेट में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे। उन्होंने संबंधित अधिकारी को सर्किल रेट निर्धारण हेतु सर्वे कराए जाने की बात कही। डीएम ने कहा कि सर्वे करने के बाद सर्किल रेट का प्रस्ताव बनाकर लाए। लापरवाही नहीं होनी चाहिए। तीन साल से मेरठ जनपद में सर्किल रेट नहीं बढ़े हैं। बाजार रेट आसमान छू रहे हैं और सर्किल रेट बहुत कम हैं।
राजस्व का नुकसान बहुत हो रहा है। नए सर्किल रेट में बाजारी रेट को भी देख लीजिए। इस अवसर पर एडीएम प्रशासन बलराम सिंह, एडीएम वित्त सूर्यकांत त्रिपाठी, एडीएम भूमि अध्यापति राजपाल सिंह, सचिव मेरठ विकास प्राधिकरण, एआईजी स्टांप, उपनिबंधक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बाजार के रेट पर फोकस
सर्किल रेट से कई ज्यादा गुना जमीनों की कीमत बाजार में है। जिसके चलते रजिस्ट्री के दौरान क्रेता एवं विक्रेता के बीच सर्किल रेट का पैसा बैंक के ट्रांसफर किया जाता है। जबकि अन्य यानी बाजार रेट के हिसाब से पैसा अलग से दिया जाता है। इससे सरकार को राजस्व की बड़ी हानि हो रही है। गिफ्टडीड बैनामे के चलते रजिस्ट्री विभाग शासन द्वारा दिए गए लक्ष्य को भी पूरा नहीं कर पाते हैं। बाजार रेट के आधार पर सर्किल रेट निर्धारित होंगे तो सरकार को राजस्व काफी मिलेगा।
साकेत, डिफेंस सहित कई कॉलोनी पर नजर
शहर में साकेत, डिफेंस कॉलोनी सहित कई कॉलोनी के सर्किल रेट एक लाख से ऊपर होने की उम्मीद है। इसको लेकर रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों के बीच मंथन हो चुका है। उक्त इस सभी कॉलोनी में बाजार रेट एक लाख से भी ऊपर है। बेगमपुल, शास्त्रीनगर, जागृति विहार सहित कई जगहों की जमीनों का उपनिबंधकों ने सर्वे किया। गंगा एक्सप्रेसवे और परतापुर में टाउन शिप सहित कई विकास कार्यों के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पर भी उपनिबंधक मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
आठ विभाग से नहीं आई रिपोर्ट
एनएचएआई, यूपीडा, विकास प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम सहित आठ विभाग को रजिस्ट्री विभाग ने चिट्ठी भेजी है। संबंधित विभाग के अधिकारियों ने पूछा गया कि उनके द्वारा कहां पर विकास कार्य चल रहा है। ताकि नये सर्किल रेट जारी करते समय उक्त विकास कार्यों पर फोकस रहे। कहां उनकी आपत्ति है, इसकी भी जानकारी मांगी है। आमजन के लिए आपत्ति के लिए भी 21 दिन का समय दिया जाएगा।
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नये सर्किल रेट को लेकर बैठक हुई थी। डीएम का निर्देश है कि त्रुटि नहीं होनी चाहिए। पारदर्शिता के साथ पहले सर्वे कर लें, उसके बाद ही नए सर्किल रेट जारी करेंगे। तीन दिन में फिर से मंथन किया जाएगा।
शर्मा नवीन कुमार, एआईजी स्टांप