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डीएम का अल्टीमेटम खत्म, काम अधूरा

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अमर उजाला का आंकलन सही साबित हुआ, प्लांट चालू नहीं हुआ
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मेरठ। शहरवासियों को एक पखवाड़े के अंदर गंगाजल मुहैया कराने का डीएम का अल्टीमेटम मंगलवार को खत्म हो गया। लेकिन अभी तक भी भोला की झाल प्लांट की सफाई और मरम्मत कार्य पूरा नहीं हो सका है।
नगर और जल निगम के बीच चले विवाद का पटाक्षेप 2 नवंबर को डीएम के. बालाजी ने कराकर 15 दिन में प्लांट चालू करने के निर्देश दिए थे। तीन नवंबर से आउटसोर्स फर्म टीएल इंफ्रा ने प्लांट की सफाई शुरू कर दी थी। अमर उजाला ने प्लांट की सफाई के लिए कम से कम 20 दिन का समय लगने का मामला उठाकर 15 दिन में प्लांट चालू होने पर सवाल उठाए थे। यह आंकलन सही साबित हुआ। मंगलवार को डीएम का दिया हुआ अल्टीमेटम खत्म हो गया लेकिन प्लांट चालू नहीं हो सका। जबकि गंगनहर का पानी भी मंगलवार सुबह भोला की झाल पर पहुंच गया था।
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सिल्ट निकाले बगैर ले लिया पानी
आउटसोर्स फर्म कर्मियों ने इंटेक चैंबर की सिल्ट निकाले बगैर ही पानी ले लिया है। इसकी पोल जल निगम की यांत्रिकी शाखा के अधिशासी अभियंता की रिपोर्ट से खुली। अधिशासी अभियंता ने दो पेज की रिपोर्ट फोटो के साथ नगर आयुक्त को भेजकर अवगत कराया है। इससे जल निगम की नागर कार्य इकाई और आउटसोर्स फर्म प्रतिनिधियों की नींद उड़ गई है। आधी अधूरी सफाई और मरम्मत के साथ ही प्लांट को चालू करने की सोच रहे अधिकारियों की सच्चाई नगर आयुक्त मनीष बंसल के पास पहुंच गई है।
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प्लांट चलने में लगेगा वक्त
फिल्हाल इंटेक चैंबर की सिल्ट सफाई कराई जा रही है। जब तक प्लांट की पूरी तरह से सफाई और मरम्मत नहीं हो जाती है तब तक इसे नहीं चलाया जाएगा। रमेश चंद्रा, परियोजना प्रबंधक
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