मेरठ। डीएम कार्यालय में तैनात क्लर्क इशांत कुमार (29) की सोमवार सुबह नहाते समय हार्टअटैक से मौत हो गई। करीब 12 घंटे पहले इशांत के सीने में दर्द उठा था, डॉक्टर ने चेकअप कर उसको अस्पताल से छुट्टी दे दी। क्लर्क की मौत की जानकारी लगने पर कलक्ट्रेट और तहसील में शोकसभा कर उनके घर पहुंचकर संवेदना व्यक्त की। कलक्ट्रेट और तहसील में कर्मचारियों में काम नहीं किया। डीएम डॉ. वीके सिंह ने भी परिवार को सांत्वना दी है।
वर्ष 2014 में मां कमलेश देवी की मौत के बाद इशांत को कलक्ट्रेट में नौकरी मिली थी। वह क्लर्क पद पर तैनात थे और कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ में वरिष्ठ उपाध्यक्ष भी थे। रविवार शाम इशांत के सीने में दर्द होने के चलते गढ़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में चेकअप कराया। जहां पर डॉक्टर ने हार्ट में गंभीर समस्या न होने की बात कहकर अस्पताल से छुट्टी कर दी। सोमवार सुबह करीब 7:00 बजे इशांत बाथरूम में नहाने के लिए गए थे। उनकी चीख पुकार सुनकर पत्नी और आसपास के लोग पहुंचे। वह बाथरूम में बेहोशी हालत में पड़े थे। पड़ोसियों ने इशांत को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसको मृतक घोषित कर दिया। कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया है कि इशांत के पिता की भी मौत हो चुकी है। उनके इकलौती बहन है, जोकि शादीशुदा है। वह अपनी पत्नी के साथ सदर तहसील के क्वार्टर में रहते थे।
22 जुलाई को था जन्मदिन
कर्मचारियों ने बताया कि इशांत के व्यवहार को देखते हुए कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ में वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया। उनके पिता अशोक कुमार रोडवेज में कर्मचारी थे। उनकी भी हार्टअटैक से मौत हुई थी। इशांत परिवार का इकलौता बेटा था। साथी इशांत की मौत से कलक्ट्रेट और सदर तहसील के कर्मचारियों को गहरा दुख पहुंचा है। इशांत के अंतिम संस्कार में कलक्ट्रेट और तहसील के कर्मचारी मौजूद रहे।