मेरठ में हापुड़ अड्डा चौराहा स्थित सरकारी जमीन पर कब्जे के मामले में जिलाधिकारी सहित कई अधिकारी कोर्ट की अवमानना में फंस सकते हैं। इस मामले में उच्च न्यायालय ने दो माह में मामले का निस्तारण करने का आदेश दिया था, लेकिन दो माह पूरे होने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने के बाद याचिकाकर्ता सचिन सैनी ने जिलाधिकारी को अवमानना का नोटिस भेजा है।
हापुड़ अड्डा चौराहा स्थित खसरा नंबर 4632 सरकारी जमीन है। इस जमीन के अधिकांश भाग पर कब्जा हो चुका है। अमर उजाला ने इस कब्जे को लेकर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था, जिस पर प्रशासन और एमडीए हरकत में आया। इस जमीन पर बने अवैध कांप्लैक्स निर्माण को जहां एमडीए की टीम ने ध्वस्त कर दिया। वहीं तहसीलदार की जांच में बताया गया कि 93 अन्य कब्जेदार भी हैं। लेकिन उनसे प्रशासन कब्जा नहीं हटा पाया। इस मामले में समाजसेवी सचिन सैनी ने हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी। वहीं दूसरी तरफ कब्जेदार भी इस मामले में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के नोटिस के खिलाफ उच्च न्यायालय चले गये थे। लेकिन उच्च न्यायालय ने दो माह के भीतर प्रशासन से इस मामले का निस्तारण करने का आदेश दिया था।
उच्च न्यायालय के आदेश को दो माह से ऊपर हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर पाया। जिस पर सोमवार को सचिन सैनी ने जिलाधिकारी सहित मंडलायुक्त, एमडीए उपाध्यक्ष और अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को नोटिस जारी किया है। जिसमें सचिन सैनी ने न्यायालय के आदेश का पालन न होने की बात कही है। सचिन सैनी ने कहा है कि यदि शीघ्र ही इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वह अवमानना का वाद दायर करेगा।