मेरठ जिला जज कार्यालय में तैनात प्रशासनिक लिपिक बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। वह सुबह अपने कार्यालय गए थे, वहीं से वह कुछ देर बाद में आने की बात कहकर निकले थे। वापस नहीं लौटने पर परिजनों को सूचना दी गई। इस पर परिजनों ने पुलिस को तहरीर दी है। एक वर्ष पूर्व भी वह तनाव के कारण लापता हो गए थे। तब चार दिन बाद हरिद्वार में एक रिश्तेदार के यहां से उन्हें बरामद किया गया था।
मूल रूप से इंचौली गांव निवासी मुकेश कुमार गंगानगर सी ब्लॉक स्थित पीआर एन्क्लेव में परिवार के साथ रहते हैं। वह मेरठ जिला जज के यहां प्रशासनिक लिपिक पद हैं। छोटे भाई राकेश कुमार ने बताया कि मुकेश रोजाना की तरह दस बजे कचहरी पहुंचे। दस मिनट बाद ही उन्होंने अपने साथियों से कुछ देर में आने की बात कही। वह देर शाम तक वापस नहीं लौटे तो परिजनों को पता चला। भाई राकेश के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे वह स्कूटर पर मवाना की ओर जाते हुए दिखाई दिए थे। परिजनों के मुताबिक उनका एक मोबाइल घर और दूसरा ऑफिस में ही मिला। परिजनों ने किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए तहरीर दी है।
एक वर्ष पूर्व हुए थे लापता
प्रशासनिक लिपिक मुकेश कुमार करीब एक वर्ष भी लापता हो गए थे। वह उस समय घर से मॉर्निंग वॉक पर जाने की बात कहकर निकले थे। उस दौरान उनके दोनों मोबाइल घर पर ही मिले थे। इस मामले में वकीलों ने कार्यवाही की मांग को लेकर गंगानगर थाने पर हंगामा भी किया था। बाद में उन्हें हरिद्वार में एक रिश्तेदार के यहां से बरामद किया गया था। उस वक्त उन्होंने ऑफिस के काम के चलते तनाव होने पर घर से जाने की बात कही थी।