- अन्य जिलों में 15 दिन पहले ही आदेश हो चुका है लागू
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। किसान सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से जिला सहकारी बैंक से किसानों को मिलने वाले तीन लाख तक के कृषि ऋण पर किसानों से 7 प्रतिशत ब्याज वसूला जा रहा है, जबकि करीब एक माह पहले शासन का आदेश 3 प्रतिशत ब्याज का हो चुका है। मेरठ को छोड़कर अन्य सभी जिलों में यह आदेश लागू भी हो गया है। इस समस्या को लेकर किसान सेवा सहकारी समितियों के चेयरमैन एक माह पहले अधिकारियों से मिल भी चुके हैं। आए दिन समितियों पर किसान हंगामा कर रहे हैं लेकिन यहां ब्याज दरों में अभी तक कोई बदलाव नहीं किया गया है।
कस्बा खरखौदा निवासी किसान सुनील त्यागी, सतीश त्यागी, गांव खासपुर निवासी किसान संजय त्यागी के अनुसार करीब एक माह पहले शासन व नाबार्ड ने किसानों के हित को देखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया था, जिसके अंतर्गत किसानों को सहकारी समितियां के माध्यम से जिला सहकारी बैंकों से तीन लाख तक के फसली ऋण पर समय से अदायगी करने पर मात्र तीन प्रतिशत ब्याज दर लेनी है।
मेरठ को छोड़कर गाजियाबाद, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर व शामली व आसपास के जिलों में यह आदेश लागू भी हो चुका है। इन जिलों में किसानों से कृषि ऋण पर मात्र तीन प्रतिशत ब्याज लिया जा रहा है। इस समस्या को लेकर ऋण जमा करने पहुंच रहे किसान आए दिन सहकारी समितियों पर हंगामा कर रहे हैं। नई ब्याज दर लागू करने की मांग को लेकर करीब एक माह पहले खरखौदा, रजपुरा व अन्य ब्लॉक के दर्जन भर से अधिक किसान सेवा सहकारी समितियों के चेयरमैन अधिकारियों से मिल चुके हैं लेकिन अधिकारी किसान सेवा सहकारी समितियों को आदेश भेजने के लिए तैयार नहीं हैं।
बयान....
तबीयत खराब है। जल्द ही अधिकारियों की साथ बैठक कर जिला स्तर से आदेश पारित कराया जाएगा। -विमल शर्मा, अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक, मेरठ
जल्द ही सभी किसान सहकारी समितियों व जिला सहकारी बैंकों को आदेश भेजा जाएगा। -दीपक तनेजा, जिला सहायक निबंधक, मेरठ