मुजफ्फरनगर में बसधाड़ा गैंगरेप कांड के गुनहगारों को सोमवार को सजा सुनाई जाएगी। इस घटना के बाद पीड़ित युवती की पूरी जिंदगी बदल गई। इन चार साल के दरम्यान उसे कितनी जिल्लत और तोहमत का सामना करना पड़ा, यह वही जानती है। इस बीच युवती की शादी भी हुई, मगर ससुराल के लोग आरोपियों के लालच में आकर फैसले के लिए दबाव बनाने लगे। युवती को ऑप्शन दिया गया कि बयान बदले या फिर उनसे रिश्ता खत्म करें। युवती ने दोषियों को सजा दिलाने के लिए ससुराल को छोड़ दिया।
शाहपुर थाने के एक गांव की युवती का सपना डॉक्टर बनने का था, लेकिन मुफलिसी आड़े आ गई। इंटर तक पढ़ाई करने के बाद वह कसबे के एक डॉक्टर के यहां बतौर नर्स काम करने लगी। पिता गांव में मजदूरी करते थे। उसकी तनख्वाह से घर में भी सहारा मिलने लगा। इस दौरान उसकी दोस्ती मोबाइल की दुकान करने वाले युवक से हो गई। 17 अगस्त 2013 की बात है। दोस्त ने युवती से मंसूरपुर में एक रेस्टोरेंट पर लंच के लिए चलने के लिए कहा। दोनों बाइक से मंसूरपुर पहुंचे। लौटते समय वह बसधाड़ा गांव के जंगल में पानी पीने के लिए ट्यूबवेल पर रुके। इसी दौरान वहां मौजूद बसधाड़ा के राशिद, वासिफ, सोमान, राहुल, अब्दुल, सलाऊ और मोनू ने युवक को पीटकर भगा दिया और युवती को पीटते हुए ईंख के खेत में ले गए, जहां सभी ने युवती से सामूहिक बलात्कार करने के साथ ही मोबाइल से वीडियो क्लिप बनाई। युवती चीखती रही, लेकिन किसी को दया नहीं आई।