तहसील रोड पर गोमती नगर के पास जलवाराव से हो रही परेशानी। स्थानीय निवासी
- फोटो : संवाद
सरधना। पशुओं की खाल से भरे एक वाहन को लेकर विवाद हो गया है। वाहन को पकड़ने के बाद छोड़ दिए जाने के आरोपों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, रोहटा क्षेत्र के डूंगर गांव से पशुओं की खाल से लदे दो वाहन अलीपुर की ओर भेजे गए थे। इस दौरान सूचना पर एक वाहन को सरधना पुलिस ने रोक लिया। आरोप है कि कार्रवाई के बाद भी वाहन को छोड़ दिया गया, जिससे मामले ने तूल पकड़ लिया। सोशल मीडिया पर भी इस प्रकरण को लेकर तरह-तरह के संदेश वायरल हो रहे हैं, जिनमें पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस महकमे में हलचल बढ़ गई।
सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। संबंधित लोगों को बुलाकर पूछताछ की गई है और वाहन से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। वहीं, कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि उनसे पुलिस के नाम पर दबाव बनाकर धनराशि की मांग की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।