संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। बाढ़ के बाद गंगा का पानी कम होते ही खादर क्षेत्र में सरकारी भूमि पर कब्जे को लेकर विवाद शुरू हो गया है। शुक्रवार को फतेहपुर प्रेम गांव में गंगा किनारे सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। मामले की सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों को तहसील कर्मियों की पैमाइश के बाद ही जुताई करने की हिदायत दी। दोनों पक्षों को शनिवार को थाने पर बुलाया है।
खादर क्षेत्र में गंगा किनारे पर राजस्व विभाग और वन विभाग द्वारा आज तक सरकारी भूमि को चिह्नित नहीं करने पर प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही से गंगा किनारे प्रतिवर्ष रंजिश की खेती होती है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि गंगा के कटान के चलते खेती की भूमि इधर-उधर हो जाती है। जैसे ही गंगा की बाढ़ का पानी उतर जाता है तो भूमाफिया उस भूमि पर अवैध कब्जे के लिए सक्रिय हो जाते हैं। खादर क्षेत्र के फतेहपुर प्रेम, सिरजेपुर, बधवा खेड़ी, मनोहरपुर, बस्तोरा नारंग, मखदूमपुर, जलालपुर जोरा आदि गांवों में हजारों हेक्टेयर सरकारी भूमि पर बाढ़ के बाद अवैध कब्जा शुरू हो जाता है। राजस्व विभाग और वन विभाग आज तक इस भूमि को चिह्नित नहीं कर पाया है। इस कारण यहां भूमाफिया सक्रिय हैं। थानाध्यक्ष शशांक द्विवेदी का कहना है कि अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।