जिलाधिकारी समीर वर्मा ने जिला पंचायत बोर्ड का प्रशासक बनने के करीब एक माह बाद सदस्यों के साथ बृहस्पतिवार को बचत भवन में परिचय बैठक की।
सभी सदस्यों से परिचय लेने के बाद डीएम ने कहा कि बोर्ड बैठक भी 27 या 30 मई को बुलायी जा सकती है। इसलिए सदस्य अपनी शिकायत या बात अभी रख दे, ताकि बोर्ड बैठक पर बिंदुवार चर्चा हो सके। जिसके बाद सदस्याें ने गांवों में खराब हैंडपंप, सड़कें बनवाने आदि विकास कार्य शुरू कराने की मांग रखी। जिस पर डीएम ने कहा कि हैंडपंप रिबोर पर तेजी से काम होगा। विकास कार्यों के प्रस्तावों पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा।
लिखित में सौंपा पत्र
बैठक में कुछ सदस्यों ने लिखित में प्रशासक को पत्र सौंपकर कहा कि पूर्व अध्यक्ष के कार्यकाल में तमाम वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी जांच होनी चाहिए। सदस्यों ने कहा कि 19.50 करोड़ रुपये के टेंडर बिना बजट के निकाल दिए गए, इन टेंडरों को भी निरस्त किया जाना चाहिए। डीएम ने जांच का आश्वासन दिया। बैठक में जिला पंचायत सदस्य कुलविंदर सिंह, डॉ. मीनाक्षी भराला, सीमा प्रधान, हेमलता चौहान, नितिन खटीक, सतपाल सिंह, जितेंद्र भड़ाना, नवाजिश मंजूर, दिलशाद, डब्बू, मुकेश चरला, सुबोध गुर्जर, बबीता भड़ाना, सुमित, सुमन आदि सदस्य मौजूद रहे।
5 महिला सदस्य ही पहुंचीं
जिला पंचायत के 34 सदस्यों में से इस बार 17 महिलाएं जीतकर आयी हैं। लेकिन परिचय बैठक में सिर्फ पांच महिला सदस्य ही मौजूद रहीं। बाकी महिला सदस्यों के पति ही बैठक में मौजूद रहे और उन्होंने परिचय भी जिला पंचायत सदस्य पति के रूप में दिया।
सबसे पीछे बैठीं सीमा प्रधान
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान जब बैठक में पहुंचीं तो आगे की कुर्सियाें पर अन्य सदस्य और महिला सदस्यों के पति बैठ चुके थे। जिस कारण उन्हें सबसे पीछे बैठने की जगह मिली।
पहली बार पहुंचीं सुमन भदौड़ा
कुख्यात योगेश भदौड़ा की पत्नी सुमन भदौड़ा जिला पंचायत सदस्य हैं। जो पहली बार बैठक में पहुंचीं। दरअसल, जिस वक्त जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव हुआ था, वह एक मामले में वांछित चल रही थीं। लेकिन प्रदेश में सपा सरकार होने के कारण वह अपनी वोट डालकर चली गयी थीं। लेकिन पुलिस ने गिरफ्तारी तो दूर उनकी तरफ देखना तक गवारा नहीं किया। इसके बाद सुमन कोर्ट में सरेंडर कर जेल चली गईं और अब जमानत पर हैं।