सरूरपुर। संजय गांधी पीजी कॉलेज सरूरपुर के अर्थशास्त्र विभाग में सोमवार को अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसमें वक्ताओं ने उपभोक्ताओं के व्यवहार के सिद्धांतों के विषय पर विचार रखे।
संजय गांधी पीजी कॉलेज सरूरपुर में सोमवार को आयोजित व्याख्यान में श्री शालिगराम शर्मा स्मारक महाविद्यालय रासना की अर्थशास्त्र की प्रोफेसर डॉ. रंजू नारंग ने विचार रखे। विषय उपभोक्ता व्यवहार सिद्धांतों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में समीक्षा रहा। जिसके अंतर्गत उपभोक्ता का व्यवहार किस प्रकार अर्थव्यवस्था की प्रगति में योगदान देता है। वहीं, वर्तमान परिस्थिति में कौन से कारक उपभोक्ता को प्रोत्साहित करते हैं। इसकी जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि एक उपभोक्ता वह होता है जो संगठन द्वारा बेचे जाने वाले सामानों और सेवाओं का उपभोग करने के लिए राशि चुकाता है। उपभोक्ता प्रत्येक देश की हर आर्थिक प्रणाली की मांग और आपूर्ति शृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। माल और सेवाओं के उत्पादकों को उत्पादन के उद्देश्य की कमी होगी। क्योंकि उनके उत्पादों की मांग नहीं होगी। उपभोक्ता व्यवहार का लक्ष्य इसका विश्लेषण करना है कि उपभोक्ता अधिकतम संतुष्टि पाने के लिए अपनी आय को विभिन्न उपयोगों के लिए आवंटित करता है। इस सिद्धांत के अंतर्गत विभिन्न वस्तुओं की मांग एवं विभिन्न उपयोगों में आय के आवंटन के बारे में मुख्य रूप से विश्लेषण किया जाता है। उपभोक्ता सिद्धांत का विश्लेषण करने के लिए हमें पहले इसकी जांच करनी होती है कि उपभोक्ता वस्तुओं को किस प्रकार वरीयता देता है। हमें उनके द्वारा उपभोग की गई वस्तुओं द्वारा उनको मिली संतुष्टि को जांचना होता है। कार्यक्रम का संचालन अर्थशास्त्र की विभागाध्यक्ष डॉ. सविता तोमर ने किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र सिंह ने विषय को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में उपयोगी एवं प्रासंगिक बताया। कार्यक्रम में हरेंद्र सिंह, डॉ. रीना तोमर, डॉ. रजनीश मिश्रा, डॉ. अनिता, डॉ. डीएस सिंह, डॉ. नीरज तोमर, डॉ. वीरेंद्र सिंह यादव, डॉ. रितु कुमारी, शिवानी का सहयोग रहा।