संवाद न्यूज एजेंसी
माछरा। आरएसएस के सौ वर्ष पूर्ण होने पर गांव मेघराजपुर भटीपुरा स्थित पद्मावती उमेशचंद सरस्वती शिशु मंदिर के परिसर में खंड माछरा का विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। शुभारंभ भारत माता के चित्र पर मुख्य अतिथि सनातन धर्म के प्रचारक संत शाश्वतानंद सरस्वती ने द्वीप प्रज्ज्वलन व पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
शाश्वतानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति हिंदुओं की पहचान है, क्योंकि इसमें हमारी आस्था का समावेश है। हम मंदिर व मठों को पूजते हैं क्योंकि उनसे हमारी आस्था जुड़ी है। हमें सनातन धर्म मजबूत करना होगा। इसके लिए हमें जाति की ऊंच नीच, भेदभाव को समाप्त कर सभी हिंदुओं को एकजुट करना होगा। मुस्लिमों से हमें कोई आपत्ति नहीं है। आपत्ति है तो उनकी विचारधारा, उनके अलगाववाद व उनकी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों पर है।
हिंदुओं को कुछ लोग निजी स्वार्थों के कारण जाति धर्म में बाट रहे हैं जिससे हिंदुओं का विघटन हो। हमें उससे सचेत रहना है। हम दो हमारे दो का परित्याग कर हम दो हमारे चार की आवश्यकता है। यदि हम संख्या में मजबूत होंगे तो सनातन धर्म की रक्षा करने में भी सक्षम होंगे।
प्रांत सह सद्भाव संयोजक अरुण कुमार जिंदल ने संघ के पंचतत्व की महत्वता व सह विभाग प्रचारक नमन कुमार ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सौ वर्ष के कार्यकाल व उसकी उपलब्धियों की जानकारी दी।
इस मौके पर जिला संघ चालक धर्मेश त्यागी, नीरज चौधरी, भगत सिंह, वीर बहादुर, मुनेश्वर त्यागी, तरुण त्यागी, अमित त्यागी, धर्मेंद्र खटाना, राकेश शर्मा, सर्वेश, सतीता, हेमा, मेघा, नीधि, शिप्रा, एकता सैनी आदि उपस्थित रहे।