सरधना। तहसील परिसर में मंगलवार को दिव्यांगजनों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर विरोध जताया। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने आरोप लगाया कि दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाते समय मानकों का सही पालन नहीं किया जा रहा, जिससे वह सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
भारतीय दिव्यांग यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र मलिक के नेतृत्व में पहुंचे लोगों का कहना था कि कई मामलों में दिव्यांगता का प्रतिशत वास्तविक स्थिति से कम दर्ज किया गया है। इसका सीधा असर पेंशन, आरक्षण, सहायक उपकरण वितरण सहित अन्य योजनाओं पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रमाणपत्र सही तरीके से बनाए जाएं तो उन्हें सरकार की सुविधाओं का पूरा लाभ मिल सकता है।
दिव्यांगजनों ने प्रशासन से मांग की कि प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और मेडिकल बोर्ड द्वारा निष्पक्ष व सही जांच सुनिश्चित कराई जाए। बाद में दिव्यांगजन अपनी मांगें रखकर लौट गए। इस दौरान मास्टर सुभाषचंद, माजिद राणा, नइमुद्दीन, पवन कुमार, अरशद, कृष्णपाल और जावेद सहित कई लोग मौजूद रहे।