रेलवे रोड थाना क्षेत्र की न्यू प्रेमपुरी निवासी अंजू रानी सिंघल रिटायर्ड शिक्षिका हैं। साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए उन्होंने बताया कि 29 नवंबर को उनके पास सुबह करीब नौ बजे कॉल आई। कॉलर ने खुद को ट्राई (टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया) का अधिकारी चिराग ठाकुर बताया। कहा कि आपके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया गया है।
आपकी आईडी पर हरियाणा के गुरुग्राम से मोबाइल सिम लिया गया है। इस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में किया गया है। इसके लिए आपको गिरफ्तार किया जा सकता है। आरोपी ने हरियाणा पुलिस के सीनियर अफसर रणबीर सिंह से बात कराने के लिए कहा। पीड़िता के नंबर पर वीडियो कॉल आई। रणबीर सिंह बता रहा व्यक्ति पुलिस की वर्दी में था।
आरोपी ने कुछ निजी जानकारी लेने के बाद कॉल कथित एसआई अनुराग चहल को ट्रांसफर कर दी। अनुराग चहल लगातार उन्हें कॉल और मेसेज करता रहा। उसने कथित रघुनाथ पांडे को अपना सीनियर बताते हुए वीडियो कॉल पर बात कराई। रघुनाथ पांडे ने कहा कि आपका नाम नरेश गोयल के मनी लॉन्ड्रिंग केस में आया है। हम जांच कर रहे हैं।
आपको सारा बैंक बैलेंस और एफडी आदि रकम हमें ट्रांसफर करनी होगी। जांच के बाद सारी रकम आपके खाते में वापस भेज दी जाएगी। आपकी एफडी समय से पहले टूटेगी तो उसका हर्जाना आरबीआई भरेगा। करीब 3:35 मिनट तक वह लगातार वीडियो कॉल पर बात करता रहा।
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हेल्पलाइन नंबर नहीं मिला
पीड़िता का कहन है कि 8 दिसंबर को आरोपियों की कॉल आई और उन्होंने कहा कि रविवार होने के कारण आगे की कार्रवाई जल्दी नहीं हो पाएगी। इस पर उन्हें अपने साथ ठगी का शक हुआ। उन्होंने कई बार साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल की, लेकिन नंबर नहीं मिला। एसपी क्राइम अवनीश कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। ट्रांसफर की गई रकम को फ्रीज कराने के लिए बैंकों में रिपोर्ट भेजी गई है।