- महिला मानवाधिकार ट्रस्ट ने उठाई आवाज, मजिस्ट्रेट के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से भटक रहे आवेदक
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। दो वर्ष से अधिक पुराने जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया में आ रही परेशानी को लेकर महिला मानवाधिकार ट्रस्ट ने अधिकारियों से समाधान कराने की मांग की है। ट्रस्ट का कहना है कि एक अक्तूबर 2026 से लागू प्रक्रिया के तहत मजिस्ट्रेट के सत्यापन से प्रमाणपत्र जारी किए जाने हैं, लेकिन तहसील सरधना में यह प्रक्रिया शुरू नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक सतीश चंद मावी ने अधिकारियों को भेजे पत्र में बताया कि जन्म के 21 दिन के भीतर प्रमाणपत्र बनवाने की सामान्य प्रक्रिया है। इसके बाद दो वर्ष तक की अवधि के मामलों में संबंधित अधिकारियों के स्तर से प्रमाणपत्र जारी किए जाने की व्यवस्था है। वहीं दो वर्ष से अधिक पुराने जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए मजिस्ट्रेट के सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में यह प्रक्रिया शुरू नहीं होने के कारण लोग अपने बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाने के लिए तहसील स्तर पर चक्कर काट रहे हैं। प्रमाणपत्र समय से नहीं मिलने के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है।
सतीश चंद मावी ने अधिकारियों से शासन स्तर पर वार्ता कर समस्या का समाधान निकालने की मांग की है। एडीएम प्रशासन ने एसडीएम सरधना को जांच कर निस्तारण के निर्देश दिए हैं।